
नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में चल रही अंदरूनी हलचल के बीच बागी सांसदों ने पार्टी के भविष्य को लेकर बड़ा संकेत दिया है। टीएमसी के वरिष्ठ नेता और सांसद सुदीप बंधोपाध्याय ने कहा है कि आने वाले समय में वे टीएमसी पर भी दावा पेश कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इसके बाद यह तय करने का अधिकार अदालत के पास होगा कि असली टीएमसी कौन सी है। दरअसल, टीएमसी के कुछ बागी सांसदों ने पार्टी से अलग राह अपनाते हुए नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया में विलय करने और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को समर्थन देने का ऐलान किया है।
इन सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर संसद में अलग बैठने की अनुमति भी मांगी है।
सुदीप बंधोपाध्याय के बयान से संकेत मिल रहे हैं कि मामला केवल सांसदों के अलग गुट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आगे चलकर पार्टी के नाम और पहचान को लेकर भी कानूनी लड़ाई हो सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी की असली पहचान और अधिकार का अंतिम फैसला न्यायालय की प्रक्रिया से ही तय होगा। इस पूरे घटनाक्रम को टीएमसी की आंतरिक राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
