ग्वालियर: ग्वालियर में कुत्तों की नसबंदी करने के मामले में बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है. नगर निगम में आवारा कुत्तों के बधियाकरण प्रोजेक्ट में एक वेटनरी डॉक्टर द्वारा कूटरचित और संदिग्ध शपथ-पत्र प्रस्तुत कर धोखाधड़ी की गई. यह मामला एबीसी सेंटर में 1 मार्च 2022 से 30 अप्रैल 2022 के बीच का है. नगर निगम में दिए शपथ पत्र में डॉ. राघव का नाम है, जबकि इसका स्टाम्प डॉ. रवि रमन से क्रय किया गया.
नगर निगम द्वारा की गई शिकायत और फिर लंबी जांच के बाद पड़ाव थाना पुलिस ने आरोपी पशु चिकित्सक के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का केस दर्ज किया है. यह कार्रवाई नोडल अधिकारी की शिकायत पर की गई. उन्होंने पड़ाव थाना पुलिस को बताया कि 12 जून 2026 को नगर निगम के एबीसी प्रोजेक्ट के नोडल अधिकारी केशव सिंह चौहान ने पड़ाव थाने में एक लिखित आवेदन प्रस्तुत किया. जिसके आधार पर शासकीय कार्य में फर्जीवाड़ा करने वाले डॉक्टर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है.
नगर निगम आयुक्त कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2022 में ग्वालियर नगर निगम सीमा के अंतर्गत घूमने वाले आवारा कुत्तों के नसबंदी कार्य के लिए छत्तीसगढ़ की एक संस्था ‘एनीमल केयर फाउण्डेशन’ (ए-1 विद्या नगर दुर्ग, छत्तीसगढ़) को नगर निगम ग्वालियर द्वारा अनुबंधित किया गया था. संस्था द्वारा 1 मार्च 2022 से 30 अप्रैल 2022 के बीच कुल 656 श्वानों का नसबंदी करने का दावा करते हुए रिकॉर्ड नगर निगम में प्रस्तुत किया गया था
