
जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट के जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने कटंगी में पदस्थ नायब तहसीलदार के स्थानातंरण पर अंतरिम रोक लगा दी है। दरअसल कटंगी से सिहोरा जाने के ट्रांसफर आदेश के एक वर्ष बाद रिलीव करने पर आपत्ति की गई। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने अंतरिम राहत पर विचार करते हुए अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
प्रदीप सिंह ठाकुर की ओर से अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय ने पक्ष रखा। जिसमें याचिकाकर्ता की ओर से तर्क प्रस्तुत किया गया कि 17 जून 2025 के स्थानांतरण आदेश के अनुपालन में संबंधित अधिकारियों द्वारा याचिकाकर्ता को पद से हटाने की कार्यवाही की जा रही है। इस पर न्यायालय ने राज्य शासन से यह स्पष्ट करने को कहा कि उक्त आदेश के अनुपालन की वर्तमान स्थिति क्या है, किंतु इस पर संतोषजनक उत्तर प्रस्तुत नहीं किया गया। परिस्थितियों को देखते हुए न्यायालय ने अंतरिम आदेश पारित करते हुए 17 जून 2025 के विवादित स्थानांतरण आदेश के प्रभाव व संचालन पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। साथ ही प्रतिवादियों को निर्देशित किया है कि याचिकाकर्ता को वर्तमान पदस्थापना स्थल नायब तहसीलदार कटंगी जिला जबलपुर पर कार्यरत रहने की अनुमति दी जाए। मामले में अगली सुनवाई तक यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिये गये हैं।
