
अशोकनगर। बहादुरपुर में बीती 4 मई को स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से एक किशोरी के शव को घर तक पहुंचाने के लिए शव वाहन की व्यवस्था नहीं हुई थी, इसके कारण परिजन शव को कंधों पर लेकर गए थे। इसके बाद जब मामले ने तूल पकड़ा तो प्रशासन ने एक आउटसोर्स कर्मचारी को हटाने, दो स्वास्थ्यकर्मियों को निलंबित करने एवं चिकित्सकों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव भेजने का एक्शन लिया था। स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि शायद इस खामी के सामने आने के बाद इस अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार होगा, लेकिन इसके उलट होकर इस अस्पताल से पोस्टमार्टम पूरी तरह से बंद हो गए हैं। पोस्टमार्टम कक्ष बदहाल होकर चारों ओर से गंदगी से घिरा हुआ है। जिन तीन कर्मचारियों को हटाया गया है, उनके न होने से अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं। चारों ओर गंदगी पसरी हुई है, एक-एक कर्मचारी को चौबीसों घंटे ड्यूटी करनी पड़ रही है क्योंकि स्वास्थ्य विभाग द्वारा न तो इन कर्मचारियों का निलंबन बहाल किया गया और न ही इनके स्थान पर कोई अन्य कर्मचारी तैनात किए गए।
आधा दर्जन पीएम बाहर कराने पड़ेः
4 मई के बाद 10 जून तक बहादुरपुर थाना क्षेत्र में कुल 6 मर्ग कायमी हुई है। इन सभी मामलों में शव को 18 किलोमीटर दूर मुंगावली सिविल अस्पताल ले जाना पड़ा। इससे पुलिसकर्मियों के अलावा मृतकों के परिजनों को अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़ी।
इनका कहना है
तत्समय गंभीर स्थिति बनी थी, हम व्यवस्था बना रहे हैं। जल्दी ही बहादुरपुर में दोबारा पोस्टमार्टम शुरू हो जाएंगे।
डॉ अलका त्रिवेदी,
मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी
अशोकनगर
