
छिन्दवाड़ा. शहर कांग्रेस कमेटी ने थाना कोतवाली पुलिस पहुंचकर पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन प्रस्तुत किया। कांग्रेसियों ने ज्ञापन में उल्लेख किया कि कुण्डीपुरा थाना क्षेत्र के मेघासिवनी बायपास पर हुए विवाद की निष्पक्ष जांच की जाए। कांग्रेसियों ने आरोप लगाया कि जिले में भूमाफिया अनुसूचित जाति परिवार की जमीन को कौडिय़ों के दाम पर खरीदना चाहते हैं और यह सिलसिला सतत रूप से जारी है। अगर किसी आदिवासी अथवा एससी भाई ने जमीन बेचने से मना कर दिया तो उनकी जमीन पर गुंडागर्दी करते हुए कब्जा किया जा रहा। इसका प्रत्यक्ष प्रमाण मेघासिवनी का विवाद है जिसमें एक एससी परिवार के लोगों पर जानलेवा हमला हुआ है। इस विवाद में पीडि़त पक्ष की ओर से सीधे और खुले तौर पर सांसद के ऊपर आरोप लगाया है इसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा। सांसद के द्वारा दिखावे के लिए पुलिस थाना में अपराध दर्ज कराया और यह आरोप लगाया कि कांग्रेस उनकी छवि धुमिल करने का प्रयास कर रही, किन्तु सच्चाई जग जाहिर है कि कांग्रेस ने कभी धुमिल छवि को और धुमिल करने या फिर किसी अन्य कि भी छवि को धुमिल करने का कोई प्रयास नहीं किया। जिले की जनता जानती है कि कांग्रेस ने हमेशा ही आदिवासी भाइयों की जमीन खरीद फरोख्त का विरोध किया है और आज भी कर रही है, आगे भी शोषित और पीडि़त वर्ग की समस्याओं के लिए कांग्रेस खड़ी रहेगी। विपक्ष का दायित्व है कि वह जनता की आवाज बनकर उनकी समस्याओं और परेशानियों को उठाएगी।
सांसद ने पीडि़त पक्ष का नही दिया साथ ००००
कांग्रेसियों ने आरोप लगाया कि पीडि़त परिवार पर हमला करने और उनकी जमीन को हथियाने का प्रयास करने वाले कौन थे इसकी जानकारी कांग्रेस को नहीं थीं, लेकिन सांसद ने पुलिस थाना में उस व्यक्ति के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कराया जिसने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर यह कहा कि भाजपा सांसद के संरक्षण प्राप्त लोगों ने जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया, विरोध करने पर जानलेवा हमला किया। इस बात की पुष्टि सांसद के द्वारा पुलिस थाना में दर्ज कराई गई एफआइआर से भी हुई है। सांसद ने पीडि़त की बजाए हमलावरों पर अपराध दर्ज कराने के साथ ही ठोस कार्रवाई की मांग करनी थी।
घायल परिवार को दी जाए सुरक्षा ०००००
कांगे्रसियों ने कहा कि जिले को मुक्त कराएं साथ ही मेघासिवनी में विवाद में घायल हुए परिवार को पुलिस सुरक्षा और तत्काल मुआवजा प्रदान किया जाए साथ ही हमलावरों की तत्काल गिरफ्तारी कर ठोस कार्रवाई की जाए। इस मामले में अगर पुलिस ने सांसद के दबाव में आकर हमलावरों को संरक्षण दिया तो कांग्रेस उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होगी जिसकी सम्पूर्ण जवाबदेही शासन और प्रशासन की होगी।
ज्ञापन प्रस्तुत करते समय विश्वनाथ ओकटे, गंगाप्रसाद तिवारी, गोविंद राय, सुरेश कपाले, गुरूचरण खरे, पप्पू यादव, नितिन उपाध्याय, धर्मेन्द्र सोनू मागो सहित कांग्रेस के समस्त विभाग, प्रकोष्ठ, अनुसांगिक संगठन के पदाधिकारीगण व कार्यकर्तागण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
