
सीतामढ़ी, 28 अगस्त। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपनी ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान सीतामढ़ी में स्थित जानकी मंदिर में पूजा-अर्चना की। यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पहले यह उम्मीद की जा रही थी कि वे सीता माता के जन्मस्थान माने जाने वाले पुनौरा धाम जाएंगे, लेकिन उन्होंने इसके बजाय जानकी मंदिर को चुना। यह यात्रा मतदाताओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
पुनौरा धाम के बजाय जानकी मंदिर क्यों?
कांग्रेस पार्टी के सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी के कार्यक्रम में अंतिम समय में बदलाव किया गया था। इस बदलाव के पीछे का कारण स्पष्ट नहीं किया गया, लेकिन उनका जानकी मंदिर जाना लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। जानकी मंदिर को भी धार्मिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।
मतदाताओं से सीधा संवाद
‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान राहुल गांधी ने सीतामढ़ी के लोगों से सीधा संवाद किया और उन्हें लोकतंत्र में उनके वोट की अहमियत समझाई। उन्होंने कहा कि हर मतदाता का अधिकार है कि वह बिना किसी दबाव के अपने पसंद के उम्मीदवार को वोट दे। इस यात्रा का मकसद लोगों को मतदान के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करना है।
