पाकिस्तान के बहावलपुर में अज्ञात कार की टक्कर से मौलाना सलमान अजहर की मौत हो गई है। 27 अप्रैल की घटना के बाद यह आतंकियों के लिए एक बड़ा झटका है।
पाकिस्तान में एक बार फिर से एक बड़े आतंकवादी की बहुत ही संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने की सनसनीखेज खबर सामने आई है। इस बार जैश-ए-मोहम्मद के टॉप कमांडर मौलाना सलमान अजहर को एक अज्ञात तेज रफ्तार कार ने जोरदार टक्कर मारकर हमेशा के लिए मौत की नींद सुला दिया है। यह घटना पाकिस्तान के बहावलपुर इलाके में हुई है, जहां इस कुख्यात आतंकी को अब मर्कज सुभानअल्लाह में दफनाया जाएगा। लगातार हो रही इन हत्याओं ने पाकिस्तान में छिपे हुए तमाम अन्य खूंखार आतंकियों और उनके आकाओं के बीच भारी खौफ और दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।
सलमान अजहर की यह रहस्यमयी मौत ऐसे समय में हुई है जब महज दो दिन पहले 27 अप्रैल को ही एक और आतंकी मारा गया था। खैबर पख्तूनख्वाह इलाके में लश्कर-ए-तैयबा के टॉप कमांडर शेख युसूफ अफरीदी की अज्ञात हमलावरों ने धुरंधर स्टाइल में सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी थी। अफरीदी को कई गोलियां लगी थीं और उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी, जिसे सुरक्षा एजेंसियों ने टारगेट किलिंग का नाम दिया था। इन सिलसिलेवार घटनाओं से यह बिल्कुल स्पष्ट हो गया है कि पाकिस्तान की धरती पर अब बड़े आतंकवादी भी पूरी तरह से सुरक्षित नहीं रह गए हैं।
अज्ञात वाहन ने मारी टक्कर
बहावलपुर में जैश कमांडर सलमान अजहर सड़क पर जा रहा था तभी एक अज्ञात कार ने उसे कुचल दिया। अचानक हुए इस जानलेवा हमले में वह बुरी तरह घायल हो गया और कुछ ही देर में उसने दम तोड़ दिया। इस हादसे की जानकारी मिलते ही पाकिस्तानी प्रशासन में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में मामले को दबाने की कोशिश की गई।
जैश-ए-मोहम्मद को बड़ा नुकसान
मौलाना सलमान अजहर ग्लोबल टेररिस्ट मसूद अजहर के कुख्यात आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से बहुत गहराई से जुड़ा हुआ था। वह इस खतरनाक संगठन में टॉप कमांडर की हैसियत रखता था और कई बड़ी आतंकवादी साजिशों में उसका सीधा हाथ था। उसकी इस अचानक मौत से आतंकी मसूद अजहर और उसके नापाक संगठन जैश-ए-मोहम्मद की कमर टूट गई है।
27 अप्रैल को भी हुई थी हत्या
सलमान अजहर की मौत से ठीक दो दिन पहले 27 अप्रैल को भी पाकिस्तान में एक बड़ा आतंकी हमला हुआ था। खैबर पख्तूनख्वाह में लश्कर के ब्रांच हेड शेख युसूफ अफरीदी को अज्ञात हमलावरों ने मौत के घाट उतार दिया था। इन दोनों बड़ी मौतों के बाद पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियां और स्थानीय पुलिस मामले की कड़ी जांच में जुटी हुई हैं।
आतंकियों में दहशत का माहौल
अफरीदी की हत्या को पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों ने आधिकारिक तौर पर टारगेट किलिंग का नाम दिया था। हमलावर इतनी सफाई से वारदात को अंजाम देकर पहाड़ी इलाके में गायब हो गए कि पुलिस उनके सुराग तक नहीं ढूंढ पाई। लगातार अपने कमांडरों की हो रही इन मौतों से पाकिस्तान में पनाह लिए बैठे सभी आतंकियों में भारी दहशत फैल गई है।
दफनाने की हो रही तैयारी
जानकारी के मुताबिक, मारे गए आतंकी मौलाना सलमान अजहर को बहावलपुर के मर्कज सुभानअल्लाह में दफनाया जाएगा। यह जगह जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों का एक बड़ा और सुरक्षित ठिकाना मानी जाती है जहां उनकी गतिविधियां चलती हैं। इस मौत के बाद भी संगठन की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, जिससे कई तरह के सवाल उठ रहे हैं।
