
सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले के देवरी थाना क्षेत्र अंतर्गत पुलिस ने अपहरण एवं ₹2 लाख की फिरौती मांगने के मामले का पर्दाफाश कर दिया है। कथित अपहरण की पूरी कहानी स्वयं पुत्र एवं उसके साथियों द्वारा रची गई साजिश थी। फरियादी राजेश पिता प्रेम जाटव निवासी ग्राम डोंगर सलैया द्वारा थाना देवरी में सूचना दी गई कि उसका 21 वर्षीय पुत्र पवन जाटव मित्र का जन्मदिन मनाने का कहकर घर से निकला था और वापस नहीं लौटा। इसी बीच फरियादी के मोबाइल पर अज्ञात व्यक्तियों द्वारा कॉल कर उसके पुत्र का अपहरण करने तथा उसे छोड़ने के एवज में ₹2 लाख की फिरौती की मांग की गई। रकम नहीं देने पर पुत्र की हत्या करने की धमकी भी दी गई।मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना देवरी में धारा 140(2) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर तत्काल जांच प्रारंभ की गई। थाना प्रभारी देवरी निरीक्षक हरिराम मानकर, उप निरीक्षक समरथ सीनम, थाना प्रभारी मोतीनगर निरीक्षक जसवंत सिंह राजपूत, सूचना संकलन तंत्र एवं साइबर टीम की संयुक्त टीम गठित कर तकनीकी एवं भौतिक साक्ष्यों के आधार पर सघन जांच की गई।जांच के दौरान पुलिस ने चितौरा टोल के पास एक ऑल्टो-800 कार क्रमांक MP-15-CA-7570 को चिन्हित कर उसमें सवार कथित अपहृत पवन जाटव सहित अरविंद दुबे, बलजीत सिंह एवं शुभम पटेल को अभिरक्षा में लिया। पूछताछ में ज्ञात हुआ कि पवन जाटव एवं बलजीत सिंह, सुनील पटेल के कहने पर अवैध रूप से गांजा लेने के लिए संबलपुर (ओडिशा) गए थे। वहां से लगभग 8 किलोग्राम गांजा प्राप्त कर वे ट्रेन से वापस लौट रहे थे। कटनी के पहले पुलिस चेकिंग की आशंका होने पर दोनों ने गांजे का पैकेट एवं पवन का मोबाइल ट्रेन से बाहर फेंक दिया। गांजा खरीदने के लिए राशि सुनील पटेल द्वारा ऑनलाइन माध्यम से भुगतान की गई थी।गांजा नष्ट हो जाने के कारण हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई करने तथा खर्च की गई रकम वापस प्राप्त करने के उद्देश्य से सुनील पटेल, पवन जाटव, बलजीत सिंह, शुभम पटेल एवं अरविंद दुबे ने मिलकर एक सुनियोजित षड्यंत्र रचा। आरोपियों ने पवन के अपहरण की झूठी कहानी बनाई और उसके पिता को फोन कर ₹2 लाख की फिरौती मांगना शुरू कर दिया। आरोपियों का उद्देश्य अपने ही पिता से भय और दबाव बनाकर बड़ी रकम वसूलना था। फरियादी द्वारा केवल ₹30 हजार की व्यवस्था किए जाने के कारण आरोपी लगातार उन्हें गुमराह करते रहे। पुलिस ने अरविंद दुबे, बलजीत सिंह, शुभम पटेल एवं पवन जाटव को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य साजिशकर्ता सुनील पटेल फरार है, जिसकी तलाश के लिए पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है।प्रकरण में प्रयुक्त ऑल्टो कार, मोबाइल फोन एवं अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त कर लिए गए हैं। विवेचना के दौरान यह तथ्य भी सामने आया है कि बलजीत सिंह एवं फरार आरोपी सुनील पटेल पूर्व में एनडीपीएस एक्ट के प्रकरण में गाडरवारा जेल में एक साथ निरुद्ध रह चुके हैं। इनके आपराधिक पृष्ठभूमि एवं अन्य गतिविधियों की भी विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों का नेटवर्क मादक पदार्थों की अवैध तस्करी से किस स्तर तक जुड़ा हुआ है।
