
रतलाम। जिले में प्रस्तावित मेगा निवेश क्षेत्र को लेकर चल रहा विवाद शुक्रवार को उस समय खुलकर सामने आ गया, जब पलसोड़ी में अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासनिक टीम और ग्रामीण आमने-सामने आ गए। विरोध इतना तीव्र हो गया कि स्थिति संभालने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोडऩे पड़े। पथराव की घटना में तीन पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।
सुबह से ही प्रशासन और पुलिस का अमला जेसीबी व अन्य संसाधनों के साथ मौके पर पहुंचा था। पलसोड़ी और आसपास के गांवों के लोगों को जैसे ही कार्रवाई की सूचना मिली, बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्रित हो गए। ग्रामीणों का आरोप था कि वर्षों से जिस जमीन पर वे खेती कर रहे हैं, उसे निवेश क्षेत्र में शामिल किया जा रहा है, जिससे उनकी आजीविका प्रभावित होगी।
दोपहर तक प्रशासन और ग्रामीणों के बीच बातचीत का दौर चलता रहा, लेकिन कोई सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे कुछ लोगों को हिरासत में लिया। इसी दौरान माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया और पुलिस तथा प्रशासनिक अमले पर पथराव शुरू हो गया। जवाब में पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया और आंसू गैस छोडक़र भीड़ को नियंत्रित किया। दरअसल, मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) जिले में मेगा इंडस्ट्रियल पार्क विकसित करने की योजना पर काम कर रहा है। इसके लिए पलसोड़ी सहित आसपास के कई गांवों की हजारों हेक्टेयर भूमि को निवेश क्षेत्र में शामिल किया जा रहा है।
प्रशासन इसे क्षेत्र के औद्योगिक विकास और निवेश का बड़ा अवसर बता रहा है, जबकि ग्रामीण इसे अपनी जमीन और आजीविका पर संकट मान रहे हैं। गुरुवार को भी प्रशासनिक अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों के बीच बैठक हुई थी, जिसमें ग्रामीणों ने भूमि अधिग्रहण के विरोध में आपत्तियां दर्ज कराई थीं। शुक्रवार की घटना के बाद क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और एहतियातन भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान हुआ पथराव
प्रशासन और ग्रामीणों के बीच बातचीत का दौर चलता रहा, लेकिन कोई सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे कुछ लोगों को हिरासत में लिया। इसी दौरान माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया और पुलिस तथा प्रशासनिक अमले पर पथराव शुरू हो गया। जवाब में पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया और आंसू गैस छोडक़र भीड़ को नियंत्रित किया।
20 से अधिक लोगों को हिरासत में ले लिया
अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन सहमति नहीं बनने पर पुलिस ने जुलवानिया सरपंच छोटू मईडा सहित 20 से अधिक लोगों को हिरासत में ले लिया। इसके बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। इसी दौरान कुछ लोगों ने पुलिस और प्रशासनिक अमले पर पथराव कर दिया। अचानक हुई पत्थरबाजी से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया तथा आंसू गैस के गोले छोड़े।
पलसोड़ी सहित आसपास के गांवों निवेश क्षेत्र में शामिल
पलसोड़ी सहित आसपास के चार से पांच गांवों की करीब 1700 हेक्टेयर भूमि निवेश क्षेत्र में शामिल की जा रही है। इसके विरोध में ग्रामीण लंबे समय से आंदोलनरत हैं। शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे प्रशासनिक अधिकारी, भारी पुलिस बल तथा अतिक्रमण हटाने के लिए जेसीबी और बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंचे थे।
