वॉशिंगटन | अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर घातक सैन्य हमले की चेतावनी देने के कुछ ही घंटों बाद अपना रुख पूरी तरह बदल लिया है। गुरुवार को सख्त तेवर दिखाते हुए खार्ग आईलैंड पर हमले का संकेत देने वाले ट्रंप ने अचानक मिलिट्री कार्रवाई रोकने का ऐलान कर दिया। इस निर्णय को वैश्विक स्तर पर एक बड़े कूटनीतिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
उच्च-स्तरीय समझौते की पुष्टि
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया कि यह फैसला ईरान के शीर्ष नेतृत्व के साथ हुई गहन बातचीत और सहमति के बाद लिया गया है। उन्होंने बताया कि इस कूटनीतिक प्रक्रिया में अमेरिका, इजराइल, सऊदी अरब, यूएई और कतर सहित कई प्रमुख देश शामिल हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि जब तक अंतिम डील पर हस्ताक्षर नहीं हो जाते, तब तक ईरानी तेल निर्यात पर अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी जारी रहेगी।
तेल इंफ्रास्ट्रक्चर पर नियंत्रण की रणनीति
ट्रंप ने अपने पुराने दावों को दोहराते हुए कहा कि ईरान की सैन्य क्षमता अब काफी कमजोर हो चुकी है। उनका लक्ष्य ईरान के प्रमुख तेल टर्मिनल, खार्ग आईलैंड पर नियंत्रण कर तेहरान के ऊर्जा बाजार को प्रभावित करना है। अमेरिका इस डील के माध्यम से वेनेजुएला की तर्ज पर अपने रणनीतिक हितों को सुरक्षित करने का प्रयास कर रहा है, और जल्द ही समझौते के स्थान और समय की घोषणा की जाएगी।

