सतना: यूसीएल फैक्ट्री में गुरुवार को ड्यूटी के दौरान एक कर्मचारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। फैक्ट्री में लैब टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत सत्य प्रकाश तिवारी की मौत के बाद आक्रोशित परिजनों और समर्थकों ने फैक्ट्री प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाते हुए मुख्य गेट पर जमकर हंगामा और प्रदर्शन किया।
परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, सत्य प्रकाश तिवारी गुरुवार सुबह करीब 8 बजे फैक्ट्री में अपनी ड्यूटी पर थे, तभी अचानक उनके सीने में तेज दर्द उठा और उन्हें हार्ट अटैक जैसे लक्षण महसूस हुए। परिजनों का गंभीर आरोप है कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भी फैक्ट्री प्रबंधन ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाने की जहमत नहीं उठाई। इसके बजाय प्रबंधन द्वारा फैक्ट्री परिसर के भीतर ही उन्हें गैस की दवा और नींबू पानी दिया जाता रहा। उचित चिकित्सा सहायता न मिलने के कारण लगभग दो घंटे तक वे तड़पते रहे। सुबह करीब 10 बजे जब उन्हें अस्पताल ले जाया गया, तब तक काफी देर हो चुकी थी और डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। यद्यपि डॉक्टरों ने प्रारंभिक तौर पर मौत की वजह हार्ट अटैक बताई है, लेकिन परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते अस्पताल ले जाया जाता तो जान बचाई जा सकती थी।
शव रखकर प्रदर्शन, मुआवजे की मांग
अस्पताल में मृत घोषित किए जाने के बाद आक्रोशित परिजन और उनके समर्थक दोपहर करीब 3 बजे मृतक का शव एंबुलेंस में लेकर सीधे फैक्ट्री के मुख्य गेट पर पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों ने शव को गेट पर रखकर फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मुख्य द्वार को घेर लिया। परिजनों ने मृतक के परिवार को 10 लाख रुपए का मुआवजा और परिवार के किसी एक सदस्य को फैक्ट्री में स्थायी नौकरी की मांग रखी। जिसके कुछ देर बाद शहर के सेमरिया चौराहे पर प्रदर्शन शुरू कर दिया गया। घटनास्थल पर सीएसपी देवेंद्र प्रताप सिंह और कोलगवां थाना प्रभारी सुदीप सोनी ने आक्रोशित परिजनों और फैक्ट्री प्रबंधन के बीच मध्यस्थता कराकर बातचीत के जरिए मामले को शांत कराने की कोशिशें की जाती रहीं।
