
भोपाल। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा यादव ने केंद्रीय जेल का निरीक्षण किया. जेल में महिला बंदियों के साथ ही 14 दिन की न्यायिक हिरासत में पूर्व जज गिरिबाला सिंह से इस मौके पर अध्यक्ष रेखा यादव ने संवाद किया. गिरिबाला सिंह जेल के अंदर किताबें को पढ़ती दिखी. उनसे जेल की व्यवस्थाओं को लेकर भी रेखा यादव ने जानकारी ली. पूर्व जज गिरिबाला सिंह जेल में बहु ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में आरोपी हैं. गिरिबाला सिंह को 16 जून तक न्यायिक हिरासत में रखा गया है.
अध्यक्ष रेखा यादव ने इस मौके पर कहा कि सुधार गृह केवल दंड का स्थान नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, आत्मविश्वास और पुनर्वास का केंद्र होना चाहिए. महिला बंदियों को सम्मानजनक वातावरण, आवश्यक सुविधाएं और कौशल विकास के अवसर उपलब्ध कराना समाज और शासन दोनों की जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि आयोग यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि प्रत्येक महिला को उसके अधिकार, सम्मान और न्याय मिले. अध्यक्ष यादव के साथ इस मौके पर सदस्य साधना स्थापक ने महिला बंदियों से संवाद कर उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं और पुनर्वास संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी ली. आयोग ने जेल प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया. आयोग ने महिला वार्ड, चिकित्सालय, रसोई घर, पुस्तकालय, सांस्कृतिक कक्ष, आर्ट एवं क्रॉफ्ट सेंटर तथा ब्यूटी पार्लर का अवलोकन किया. सांस्कृतिक कक्ष में महिला बंदियों द्वारा संचालित ऑर्केस्ट्रा दल ने भजन प्रस्तुत किए. आयोग की अध्यक्ष एवं सदस्य ने ऑर्केस्ट्रा की सराहना करते हुए इसे सकारात्मक मानसिक विकास और सामाजिक पुनर्स्थापन की दिशा में प्रभावी पहल बताया.
महिला बंदियों से संवाद के दौरान उनकी दिनचर्या, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, कौशल विकास कार्यक्रमों और पुनर्वास गतिविधियों से जुड़ी जानकारी प्राप्त की. आयोग ने बंदियों द्वारा आर्ट एवं क्रॉफ्ट सेंटर में तैयार किए गए विभिन्न उत्पादों का अवलोकन भी किया. आयोग की अध्यक्ष यादव ने महिला बंदियों की रचनात्मकता, आत्मविश्वास और कौशल की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के साथ समाज में नई पहचान बनाने का अवसर प्रदान कर रहे हैं. राज्य महिला आयोग के सचिव सुरेश तोमर, केंद्रीय जेल भोपाल के अधीक्षक राकेश भांगरे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे.
