
शाजापुर, पुलिस ने गांजे की तस्करी के एक पुराने मामले में पिछले 9 साल से भाग रहे एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है. इस आरोपी पर पुलिस ने 10 हजार रुपए का इनाम भी रखा हुआ था, जो उज्जैन में पहचान छुपाकर रह रहा था. जिस पर एक क्विंटल गांजे की अवैध खरीदी बिक्री का आरोप है. पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक पकड़े गए आरोपी का नाम राजेश शर्मा है जो मोहनलाल शर्मा का बेटा है. वह मूल रूप से शाजापुर जिले के कालापीपल इलाके के चाकरोद गांव का रहने वाला है. लेकिन पुलिस से बचने के लिए वह लंबे समय से अपनी पहचान छुपाकर उज्जैन की साईबाग कालोनी में रह रहा था, जहां पुलिस ने घेराबंदी करके उसे पकड़ लिया.
एक क्विंटल गांजे की हेराफेरी का है आरोप
जानकारी के अनुसार राजेश शर्मा के खिलाफ सुनेरा थाने में साल 2017 में गांजा तस्करी का केस दर्ज हुआ था. यह पूरा मामला करीब एक क्विंटल यानी 100 किलो गांजे की अवैध खरीद बिक्री से जुड़ा था. इस कार्रवाई के बाद से ही राजेश गिरफ्तारी के डर से भागा भागा फिर रहा था, जिसके बाद पुलिस ने उस पर 10 हजार रुपए का इनाम रख दिया था. पिछले करीब 9 साल से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहे इस इनामी तस्कर को पकडऩे के बाद सुनेरा पुलिस ने उसे शाजापुर कोर्ट में पेश किया. पुलिस ने इस धंधे से जुड़े बाकी लोगों का पता लगाने और कड़ी पूछताछ के लिए कोर्ट से आरोपी की मांग की थी. कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए राजेश शर्मा को पूछताछ के लिए पुलिस की कस्टडी में भेज दिया है.उक्त कार्रवाई में थाना प्रभारी अंकित मुकाती, उप निरीक्षक लकड़ा,प्रधान आरक्षक अनिल यादव तथा आरक्षक राजकुमार, पुष्पेंद्र, रूपेंद्र पाल सिंह, मनोज, सुधीर यादव, तरुण यादव, गोविंद और अखिलेश भंडारी का विशेष योगदान रहा.
