नयी दिल्ली, 11 जून (वार्ता) नवोदित विमान सेवा कंपनी अकासा एयर ने ‘अकासा स्काईकैडेट’ के नाम से पायलट प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने की गुरुवार को घोषणा की। एयरलाइंस ने बताया कि यह कार्यक्रम भविष्य के कमर्शियल पायलटों को तैयार करने के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के नियमों और एयरलाइंस के वैश्विक परिचालन मानकों के अनुरूप व्यापक विमानन प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा। यह कार्यक्रम की शुरुआत मान्यता प्राप्त उड़ान प्रशिक्षण संगठनों स्काईनेक्स एयरो और ड्यून्स एविएशन अकादमी के सहयोग से की जा रही है। इसका उद्देश्य व्यापक विमानन शिक्षा, उड़ान प्रशिक्षण और एयरलाइन-उन्मुख तैयारी के माध्यम से पायलटों का मार्गदर्शन और विकास करना है।
उल्लेखनीय है कि भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ रहे विमानन बाजारों में से एक है। वर्तमान में भारतीय विमान सेवा कंपनियों ने 1,700 विमानों के ऑर्डर किये हैं जिनकी आपूर्ति साल 2035 तक पूरी होने की उम्मीद है। विमानों के साथ प्रशिक्षित पायलटों, केबिन क्रू और ग्राउंड स्टाफ की भी जरूरत बढ़ रही है। अनुमान है कि वर्तमान में देश में लगभग 12,000–15,000 वाणिज्यिक पायलट हैं। साल 2035 तक भारत को लगभग 35,000 पायलटों की आवश्यकता होगी, जबकि अगले दो दशकों में भारत और दक्षिण एशिया में लगभग 45,000 नये पायलटों की मांग बनेगी।
अकासा एयर के सह-संस्थापक एवं मुख्य परिचालन अधिकारी बेल्सन कौटिनो ने कहा कि भारत का विमानन उद्योग दीर्घकालिक और निरंतर विकास के एक नए चरण में प्रवेश कर रहा है। इस विस्तार को जिम्मेदारीपूर्वक समर्थन देने के लिए भविष्य के लिए तैयार कार्यबल का निर्माण अत्यंत महत्वपूर्ण होगा। ‘अकासा स्काईकैडेट कार्यक्रम’ जमीनी स्तर से प्रतिभा में निवेश करने और इच्छुक पायलटों के लिए विमानन क्षेत्र में सार्थक करियर बनाने के अवसर उपलब्ध कराने की अकासा एयर की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

