ग्वालियर: जमीन में दबे खजाने को निकालने के लिए क्षेत्र में बड़े पैमाने पर गिरोह सक्रिय हो गए हैं। जो रात भर जनवा या सयाने द्वारा बताए गए स्थानों पर खुदाई कर जमीन के नीचे दबे हुए खजाने को निकालने का प्रयास करते हैं। खजाने के लिए दफीना माफिया पुराने मंदिर और संरक्षित स्मारकों को निशाना बना रहे हैं। जिसका ताजा उदाहरण ईटमा गांव में देखने को मिला। जहां एक प्राचीन शिव मंदिर पर दफीना माफियाओं ने धावा बोल दिया और रातभर खजाना निकालने के लिए जेसीबी मशीन चलाकर गड्डे किए गए। इन माफियाओं ने धन के लालच में प्राचीन मंदिर को क्षतिग्रस्त कर दिया है।
भितरवार क्षेत्र में दफीना माफिया कई दिनों से सक्रिय है। अलग अलग गिरोह माफिया शाम होते ही इन ऐसे स्थान को चिन्हित करने निकल जाते हैं जहां खजाना दवा होने की संभावना होती है। रात के अंधेरे में भारी भरकम मशीनों की सहायता से खुदाई करते हैं, खुदाई के बाद खजाना मिलता है या नहीं यह तो खोदने वाले ही जाने लेकिन इनकी खुदाई से प्राचीन मंदिर और संरक्षित स्मारक और समाज की धरोहर है जरूर नष्ट हो जाती हैं। विकासखंड के ग्राम ईटमां में दो दिन पूर्व रात में कुछ दफीना माफियाओं ने गांव के करहिया मार्ग ताल के पास स्थित प्राचीन शिव मंदिर पर धावा बोल दिया।
जहां उन्होंने खजाने लिए जेसीबी मशीन से मंदिर को क्षतिग्रस्त कर दिया। रातभर जेसीबी मशीन से मंदिर परिसर में जगह जगह गड्डे किए गए,पेड़ काटे गए साथ ही एक चबूतरा पूरा उखाड़ दिया। वहीं बताते हैं कि धन के लिए रात में चली जेसीबी की आवाज सुन इसकी सूचना कुछ ग्रामीणों ने करहिया पुलिस को भी दी। जिसका पता चलते ही दफीना माफिया मशीन लेकर भाग खड़े हुए। ग्रामीणों ने बताया कि खजाना निकालने के लिए गांव और कुछ बाहर के लोग आए थे। मंदिर के पुजारी कृष्णा गोस्वामी ने बताया कि गांव के प्राचीन शिव मंदिर पर पिछले दिनों भी कुछ लोगों ने धावा बोला था। पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती इसलिए इनके हौंसले बुलंद हैं। एसडीएम राजीव समाधिया ने उपयुक्त कार्रवाई करने की बात कही है।
