सोल, 09 जून (वार्ता) उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने दोनों देशों के रिश्तों को नयी ऊंचाई पर ले जाने और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है।
उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए ने मंगलवार को बताया कि प्योंगयांग में सोमवार को हुई शिखर वार्ता के दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने तथा राजनीति, अर्थव्यवस्था, संस्कृति और अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। रिपोर्ट के अनुसार दोनों नेताओं ने उच्च स्तरीय दौरों और नियमित संवाद के जरिये दोनों देशों के बीच रणनीतिक संपर्क और मजबूत करने का फैसला किया, ताकि उत्तर कोरिया-चीन संबंधों के विकास का नया अध्याय शुरू किया जा सके।
केसीएनए के मुताबिक दोनों देशों ने एक-दूसरे की संप्रभुता, सुरक्षा और विकास संबंधी हितों का समर्थन जारी रखने की प्रतिबद्धता भी दोहरायी। श्री किम ने कहा कि चीन के साथ संबंधों को मजबूत करना उनके देश की “सबसे महत्वपूर्ण और सर्वोच्च रणनीतिक प्राथमिकता” है। उन्होंने कहा कि प्योंगयांग द्विपक्षीय संबंधों को दोनों देशों के बीच आदर्श संबंध और एक स्थायी, विशेष तथा मजबूत रणनीतिक साझेदारी के रूप में विकसित करने के लिए हरसंभव प्रयास करेगा।
श्री शी की यह यात्रा पिछले सात वर्षों में उनकी पहली उत्तर कोरिया यात्रा है। यह ऐसे समय हुई है जब उत्तर कोरिया और रूस की बढ़ती नजदीकियों के बीच चीन अपने पारंपरिक सहयोगी देश पर प्रभाव को फिर मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। श्री किम ने कहा कि श्री शी का इस वर्ष सबसे पहले विदेश दौरे पर यहां आना इस बात का संकेत है कि चीन उत्तर कोरिया के साथ अपने संबंधों को कितना महत्व देता है। उन्होंने इसे उत्तर कोरियाई जनता के लिए उत्साहवर्धक समर्थन बताया।
श्री शी ने भी उत्तर कोरिया के प्रति चीन के समर्थन को दोहराते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों, दोनों देश अपने साझा हितों और रणनीतिक माहौल की रक्षा करते रहेंगे। केसीएनए की रिपोर्ट के अनुसार दोनों नेताओं ने राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में आदान-प्रदान और सहयोग बढ़ाने तथा एक-दूसरे की संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा के लिए मिलकर काम करने पर सहमति जतायी।
उल्लेखनीय है कि वार्ता के दौरान परमाणु मुद्दे या कोरियाई प्रायद्वीप की सुरक्षा स्थिति का कोई उल्लेख नहीं किया गया। न तो केसीएनए और न ही चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने अपनी रिपोर्टों में इन मुद्दों का जिक्र किया है। वर्ष 2019 में अपनी पिछली प्योंगयांग यात्रा के दौरान शी जिनपिंग ने कोरियाई प्रायद्वीप के परमाणु निरस्त्रीकरण की दिशा में काम करने की बात कही थी।
चीनी मीडिया के अनुसार श्री शी ने सोमवार को कूटनीति, कानून प्रवर्तन और सैन्य क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया। दोनों नेताओं ने मंगलवार को कोरियाई युद्ध में उत्तर कोरिया के साथ लड़ने वाले चीनी सैनिकों की याद में बने ‘फ्रेंडशिप टावर’ पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उनकी पत्नियां री सोल-जू और पेंग लियुआन भी मौजूद थीं। श्री शी ने इस अवसर पर कहा कि दोनों देशों को अपनी पारंपरिक मित्रता की विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना चाहिये।
दोनों नेताओं ने सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया की केंद्रीय नेतृत्व अकादमी का भी दौरा किया, जहां वरिष्ठ पार्टी नेताओं और कैडरों को प्रशिक्षण दिया जाता है। किसी चीनी नेता का यहां यह पहला दौरा था। दोनों नेताओं ने वहां उत्तर कोरिया-चीन संबंधों पर चल रही एक कक्षा का अवलोकन किया और मित्रता के प्रतीक के रूप में परिसर में एक पौधा भी लगाया।
