
बैतूल। बैतूल जिले में चल रहे भू-अभिलेख डिजिटाइजेशन कार्य में लापरवाही बरतने पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए दो पटवारियों को निलंबित कर दिया है, जबकि संबंधित तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, भू-अभिलेखों के डिजिटाइजेशन का कार्य एक सितंबर 2025 से जारी है। इसके तहत खसरा, किस्तबंदी, अधिकार अभिलेख, मिसल बंदोबस्त, वाजिब उल अर्ज, नामांतरण एवं संशोधन पंजी सहित अन्य राजस्व रिकॉर्ड को डिजिटल स्वरूप में परिवर्तित किया जा रहा है। अब तक जिले में 56 हजार 24 फाइलों की स्कैनिंग पूरी हो चुकी है, जिनमें 42 लाख 18 हजार 803 इमेज शामिल हैं। इनमें सौ वर्ष पुराने दस्तावेज भी सम्मिलित हैं।
स्कैनिंग के बाद वर्तमान में मेटा डेटा तैयार करने का कार्य किया जा रहा है। इसमें दस्तावेजों की इमेज में दर्ज जानकारी को अलग से टाइप किया जाता है और उसकी शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए पटवारियों से मिलान कराया जाता है। इसके लिए एक विशेष पोर्टल विकसित किया गया है, जिसमें प्रत्येक पटवारी को लॉगिन आईडी प्रदान की गई है। प्रतिदिन लगभग पांच प्रतिशत रिकॉर्ड जांच हेतु संबंधित पटवारियों को भेजे जाते हैं।
बताया गया है कि कई पटवारी इस महत्वपूर्ण कार्य में रुचि नहीं ले रहे हैं। कुछ द्वारा संदेश तक नहीं खोले जा रहे, जबकि कुछ रिकॉर्ड देखकर भी न तो अनुमोदन कर रहे हैं और न ही आपत्तियां दर्ज कर रहे हैं।
इसी लापरवाही के चलते बैतूल तहसील में संध्या शुक्ला और अजय कुमार जावलकर को निलंबित किया गया है। डिप्टी कलेक्टर एवं नोडल अधिकारी अनिता पटेल ने कार्रवाई की पुष्टि की है। साथ ही कलेक्टर ने चेतावनी दी है कि समय सीमा में कार्य पूर्ण नहीं करने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।
