बेगमगंज में मूंग की सिंचाई से जल संकट गहराया, सेमरी नदी सूखी 

बेगमगंज। नगर को पेयजलापूर्ति करने वाली सेमरी नदी डेम के डूब क्षेत्र वाली भूमि जोकि जल संसाधन विभाग द्वारा अधिकृत करके किसानों को मुआवजा दे दिया गया था लेकिन आज तक किसानों ने उक्त भूमि पर से अपना कब्जा नहीं छोड़ा है और उनके द्वारा मूंग की फसल में सिंचाई के लिए बूंद-बूंद पानी खिंचने से नदी सूख गई है और नगर में गंभीर पेयजल संकट ने दस्तक दे दी है।

जलसंकट का मुख्य कारण सेमरी नदी क्षेत्र के किसानों द्वारा 200 हैक्टर में मूंग की फसल की बुआई की गई है। सेमरी नदी से दिनरात लगातार पानी की सिंचाई करने से नदी की धार टूटकर नदी सूख गई है।

प्रशासन द्वारा सिंचाई पर प्रतिबंध नहीं लगाए जाने से आने वाले दिनों में नगर में पानी के लिए हाहाकार मचने वाला है।

एक लाख आबादी वाले नगर के 18 वार्डो में पेयजलापूर्ति के लिए सेमरी नदी बांध से सप्लाई चेन चलती है और सहायक के रूप में नगर में लगे 44 ट्यूबवेल भी पेयजलापूर्ति करते हैं। जिनमें से कई ट्यूबवेल का जलस्तर कम होने से शाहपुर -हदाईपुर , खिरिया नारायण दास , टेकरी , शिक्षक कॉलोनी , मुकरबा , काजी मोहल्ला , पक्का फाटक , लखेरापुरा , रंगरेज मोहल्ला बकरी बाजार , कटरा मोहल्ला अस्पताल , तबेलापुरा इत्यादि में एक दिन छोड़कर जल सप्लाई की जा रही है जबकि जिन वार्डों में टँकी एवं ट्यूबवेल से सप्लाई है रामनगर -श्यामनगर , एसबीआई कॉलोनी , चुरक्का गंभीरिया , गड़ोईपुरा , गाँधी बाजार मेन रोड़ , चोर बाबड़ी ,पीरा शाह , मलंगशाह , बजरिया इत्यादि में प्रतिदिन पेयजलापूर्ति की जा रही है लेकिन इन दिनों जलस्तर गिरने से ट्यूबवेल भी दमतोड़ चुके हैं जो एक से दो घण्टे तक अलग -अलग वार्डों में जल सप्लाई कर रहे हैं।

जैसे-जैसे गर्मी बढ़ती जा रही है , वैसे – वैसे जलस्तर गिरता जा रहा है और पेयजल के लिए तरसते लोगों को टैंकर से पानी सप्लाई करने वालों को पैसे देकर इधर-उधर से पानी खरीदना पड़ रहा है।

नगरपालिका परिषद द्वारा पेयजलापूर्ति सुचारू रखने के जतन तो किए जा रहे हैं लेकिन उनके संसाधन कम पड़ते नजर आ रहे हैं।

ऐसे में नवीन ट्यूबवेल खनन की नितांत आवश्यकता है जो वार्डों की जलापूर्ति करने वाली पाइप लाइन से सीधे जुड़कर आसानी से वार्डवासियों को जलापूर्ति कर सकते हैं। जिससे पेयजल को तरसते लोगों को बहुत कुछ राहत पहुंचेगी।

मुख्य नगरपालिका अधिकारी राजेंद्र शर्मा का कहना है कि पेयजलापूर्ति के लिए व्यापक कार्ययोजना बनाई जा रही है। फिलहाल सभी को बराबर पानी मिल रहा है। नगर में जलसंकट नहीं होने दिया जाएगा। इसके लिए नवीन ट्यूबवेल खनन के साथ अन्य संसाधनों से भी पेयजल व्यवस्था की जाएगी।

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