तेहरान, 08 जून (वार्ता) ईरान ने सोमवार को कहा कि युद्धविराम के बड़े उल्लंघनों के बाद तनाव बढ़ने के लिए अमेरिका ज़िम्मेदार है क्योंकि इजरायली सरकार की हरकतों को अमेरिका की नीतियों से अलग नहीं किया जा सकता। सरकारी समाचार एजेंसी ‘तस्नीम’ के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सोमवार को कहा कि इजरायल की हरकतों के लिए अमेरिका “ज़िम्मेदार” है।
श्री बघाई ने सोमवार को पत्रकारों से कहा कि अमेरिका “आठ अप्रैल के युद्धविराम समझौते में शामिल एक पक्ष के तौर पर ज़िम्मेदार है।” एक प्रेस वार्ता के दौरान ‘फार्स न्यूज़’ ने उनके हवाले से कहा, “इस क्षेत्र में जो कुछ भी होता है… उसके लिए अमेरिका की सीधी ज़िम्मेदारी बनती है, और तनाव बढ़ने के किसी भी नतीजे के लिए भी वही ज़िम्मेदार होगा।”
उन्होंने कहा कि “इस क्षेत्र में ज़ायोनी सत्ता की हरकतों को अमेरिका से अलग करके नहीं देखा जा सकता।” यह बयान ऐसे समय में आया है जब अप्रैल में हुए समझौते के बाद से इजरायल और ईरान के बीच सबसे ज़्यादा तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और दोनों तरफ़ से हवाई हमले किये जा रहे हैं। ईरान लगातार इस बात पर ज़ोर देता रहा है कि किसी भी अंतिम समझौते में लेबनान सहित सभी मोर्चों पर लड़ाई को पूरी तरह से रोकना शामिल होना चाहिये। तनाव तब और बढ़ गया जब रविवार को इजरायल ने बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर हमला किया, जिसमें कम से कम दो लोगों की मौत हो गयी और 20 अन्य घायल हो गये। वहीं, ईरान ने रविवार रात और सोमवार सुबह इजरायली क्षेत्र की ओर कई बार मिसाइलें दागीं और इजरायल पर बार-बार युद्धविराम समझौतों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया।
श्री बघाई ने कहा, “बातचीत का मकसद ईरान के ख़िलाफ़ युद्ध को खत्म करना था, और हमने युद्धविराम के हिस्से के तौर पर लेबनान में संघर्ष को खत्म करने पर भी विचार किया था।” उन्होंने चेतावनी दी कि इस आधार को कमज़ोर करने से कूटनीतिक प्रक्रिया पर “ज़रूर” असर पड़ेगा। प्रवक्ता ने कहा, “ईरान इस बात पर अड़ा है कि वह किसी भी हालत में इजरायल और अमेरिका को हमले जारी रखने और फिर यह दावा करने वाला सामान्य बयान जारी करने की इजाज़त नहीं देगा कि वे युद्धविराम के लिए प्रतिबद्ध हैं। ऐसा युद्धविराम जिसका लगातार और बार-बार उल्लंघन किया जा रहा है।” इस बीच उन्होंने कहा कि इसके बावजूद पाकिस्तानी मध्यस्थों के ज़रिए कूटनीतिक प्रक्रिया जारी है।

