
भुवनेश्वर। अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने और सतत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ओडिशा के राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति ने भुवनेश्वर स्थित लोक भवन परिसर में स्थापित 485 किलोवाट पीक (kWp) क्षमता वाले रूफटॉप सोलर फोटोवोल्टिक (पीवी) पावर प्लांट का उद्घाटन किया। इस परियोजना का निर्माण एवं क्रियान्वयन एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड द्वारा किया गया है। कार्यक्रम में एनबीसीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. के. पी. महादेवस्वामी सहित कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। करीब 39 हजार वर्गफुट क्षेत्र में फैली इस सौर ऊर्जा परियोजना को लोक भवन परिसर के आठ विभिन्न स्थलों पर स्थापित किया गया है, जिनमें गवर्नर हाउस भवन, प्रशासनिक भवन, अभिषेक बैंक्वेट हॉल और एनर्जी पार्क शामिल हैं।
अत्याधुनिक सौर तकनीक से लैस यह संयंत्र प्रतिमाह लगभग 60 हजार यूनिट स्वच्छ बिजली का उत्पादन करेगा, जिससे पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम होगी और कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी आएगी। परियोजना के माध्यम से इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग सुविधा भी उपलब्ध होगी। पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात और वैश्विक ऊर्जा चुनौतियों के बीच अक्षय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है। एनबीसीसी ने भविष्य में पवन ऊर्जा परियोजनाओं पर भी कार्य करने की प्रतिबद्धता जताई है।
यह परियोजना भारत की स्वच्छ ऊर्जा नीति और पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक अवसंरचना के निर्माण के प्रति एनबीसीसी की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। कंपनी अपने विभिन्न ग्रीन बिल्डिंग प्रोजेक्ट्स में सौर ऊर्जा, वर्षा जल संचयन, अपशिष्ट जल पुनर्चक्रण और ऊर्जा दक्ष तकनीकों का उपयोग करती रही है।
ओडिशा एनबीसीसी के प्रमुख कार्यक्षेत्रों में शामिल है। कंपनी राज्य में आईआईटी भुवनेश्वर, आईआईएम संबलपुर, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी कटक, रेवेनशॉ विश्वविद्यालय, सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ ओडिशा, राउरकेला स्थित इस्पात पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट एंड सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल सहित अनेक शिक्षा, स्वास्थ्य और शहरी अवसंरचना परियोजनाओं का निर्माण कर चुकी है। इन परियोजनाओं ने राज्य के विकास, रोजगार सृजन और आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
