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भोपाल। अंतरिक्ष में आज से 10 जून के बीच पश्चिमी आकाश में सौरमंडल के दो सबसे चमकीले ग्रह शुक्र और बृहस्पति एक-दूसरे के बेहद करीब दिखाई देंगे। खगोल विज्ञान में इस घटना को ‘कंजंक्शन’ कहा जाता है, जिसका चरम 09 जून की शाम को देखने को मिलेगा।
राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त खगोल विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने बताया कि दोनों ग्रह आज से एक-दूसरे के निकट आते हुए दिखाई देंगे और नौ जून को सबसे कम कोणीय दूरी पर पहुंच जाएंगे। उस समय दोनों ग्रहों के बीच की कोणीय दूरी लगभग 1.5 से 1.6 डिग्री रह जाएगी।
उन्होंने बताया कि यद्यपि अंतरिक्ष में दोनों ग्रह एक-दूसरे से करोड़ों किलोमीटर दूर हैं, लेकिन पृथ्वी से देखने पर वे लगभग साथ दिखाई देंगे। यह दृश्य इतना निकट प्रतीत होगा कि हाथ को सीधा फैलाकर छोटी उंगली उठाने पर दोनों ग्रह उसकी चौड़ाई के भीतर समा सकते हैं।
सारिका घारू के अनुसार इस खगोलीय घटना को देखने के लिए किसी दूरबीन या विशेष उपकरण की आवश्यकता नहीं होगी। सूर्यास्त के बाद पश्चिमी आकाश में देखने पर शुक्र ग्रह तेज सफेद प्रकाश के साथ चमकता दिखाई देगा, जबकि उसके निकट बृहस्पति पीली-सफेद आभा के साथ नजर आएगा।
उन्होंने बताया कि 11 से 15 जून के बीच बुध ग्रह भी इस क्रम में शामिल हो जाएगा, जिससे पश्चिमी आकाश में सुंदर ‘प्लैनेट परेड’ का दृश्य बनेगा। इसके बाद 16 और 17 जून को हंसिया आकार का चंद्रमा भी इन ग्रहों के समीप दिखाई देगा, जिससे यह दृश्य और आकर्षक हो जाएगा। खगोल विज्ञान प्रेमियों और आम नागरिकों से इस सप्ताह शाम के समय पश्चिमी आकाश में इस दुर्लभ खगोलीय घटना का अवलोकन करने की अपील की गई है।
