भोपाल: रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं आधुनिक बनाने के उद्देश्य से जीआरपी (गवर्नमेंट रेलवे पुलिस) अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए आयोजित 15 दिवसीय रिफ्रेशर कोर्स का उद्घाटन सोमवार को किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विशेष पुलिस महानिदेशक सीआईडी पंकज कुमार श्रीवास्तव और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक रेलवे राजा बाबू सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
प्रशिक्षण शिविर में विभिन्न जीआरपी इकाइयों के अधिकारियों और जवानों ने भाग लिया। कार्यक्रम में रेलवे सुरक्षा, यात्री संरक्षण, अपराध नियंत्रण, त्वरित प्राथमिक जांच और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।अपने संबोधन में विशेष पुलिस महानिदेशक पंकज कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि बदलते सुरक्षा परिदृश्य में जीआरपी कर्मियों का निरंतर प्रशिक्षण आवश्यक है। उन्होंने आतंकवाद, संगठित अपराध और अन्य उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए आधुनिक जांच तकनीकों, व्यवहारिक कौशल और यात्री संवेदनशीलता पर जोर दिया।
वहीं एडीजीपी रेलवे राजा बाबू सिंह ने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य पुलिसकर्मियों के कानूनी एवं तकनीकी कौशल को मजबूत करने के साथ-साथ नागरिकों के साथ बेहतर संबंध स्थापित करना है। उन्होंने बताया कि फील्ड ड्रिल, केस स्टडी और व्यवहारिक अभ्यासों के माध्यम से कर्मियों की प्रतिक्रिया क्षमता को और बेहतर बनाया जाएगा।
कोर्स के दौरान त्वरित निर्णय प्रक्रिया, आरोपियों की पहचान, प्राथमिक साक्ष्य संग्रह, यात्री शिकायतों के समाधान और समन्वित कार्रवाई का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के समापन पर प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे। अधिकारियों ने नागरिकों से भी रेलवे परिसरों में किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल देने और सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की।
