कोलकाता | पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने सोमवार को राज्यसभा की सदस्यता और पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन को अपना त्यागपत्र सौंपा। ममता बनर्जी को भेजे गए एक ईमेल के जरिए उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी अपने इस्तीफे की पुष्टि की है।
इंडिया गठबंधन की बैठक के बीच सियासी हलचल
यह इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी दिल्ली में इंडिया गठबंधन की एक महत्वपूर्ण बैठक में भाग लेने पहुंचे हैं। दिलचस्प बात यह है कि सुखेंदु रॉय भी इस समय दिल्ली में ही मौजूद थे। उनके अचानक इस्तीफे ने बंगाल की राजनीति में हड़कंप मचा दिया है और राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि क्या वे जल्द ही किसी अन्य खेमे में शामिल होंगे।
ममता के करीबी का साथ छोड़ना बड़ा नुकसान
सुखेंदु शेखर रॉय को ममता बनर्जी का बेहद भरोसेमंद और करीबी माना जाता था। पार्टी में उनका इस तरह अचानक इस्तीफा देना टीएमसी के लिए एक बड़ा संगठनात्मक झटका है। इससे पहले भी विधानसभा चुनाव के बाद से ही पार्टी के कई विधायक ममता बनर्जी के खिलाफ बगावत कर चुके हैं। बहरहाल, सुखेंदु रॉय के अगले राजनीतिक कदम को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन कयास लगाए जा रहे हैं कि वे विपक्ष के खेमे में शामिल हो सकते हैं।

