ईरान और हिजबुल्लाह ने लेबनान संकट के बीच इजरायल पर एक साथ मिसाइल और ड्रोन हमला किया है। तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने नेतन्याहू को फोन कर जवाबी कार्रवाई से बचने की सलाह दी है।
मिडिल ईस्ट में हालात एक बार फिर बिगड़ गए हैं। रविवार देर रात ईरान और हिजबुल्लाह ने मिलकर इजरायल पर एक साथ बड़ा हमला बोल दिया। इस अचानक हुए हमले से पूरे इजरायल में हड़कंप मच गया और कई शहरों में युद्ध के सायरन गूंजने लगे। इजरायली एयर डिफेंस सिस्टम तुरंत एक्टिव हो गया और नागरिकों को बंकरों में जाने की सलाह दी गई।
सैन्य ठिकानों को निशाना
जानकारी के मुताबिक, ईरान ने इजरायल के उत्तरी क्षेत्र को निशाना बनाते हुए 4 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। विशेषज्ञों का कहना है कि अप्रैल में हुए युद्वविराम के बाद यह पहली बार है जब ईरान ने सीधे तौर पर इजरायल की धरती पर मिसाइलें दागी हैं। वहीं, दूसरी तरफ से हिजबुल्लाह ने भी दर्जनों मिसाइलों और आत्मघाती ड्रोनों से इजरायली सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। ईरान का कहना है कि यह हमला लेबनान पर इजरायली सैन्य कार्रवाई और बेरूत में किए गए हमलों का करारा जवाब है।
ईरान ने दी जंग की चेतावनी
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने इस हमले के बाद एक कड़ा बयान जारी किया है। IRGC का आरोप है कि इजरायल अमेरिका की मिलीभगत से अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन कर रहा है और लेबनान में फास्फोरस बमों जैसे प्रतिबंधित हथियारों का इस्तेमाल कर युद्ध अपराध कर रहा है।
ईरानी अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि इजरायल ने सभी ‘लक्ष्मण रेखाएं’ पार कर दी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि इजरायल ने इस कार्रवाई का जवाब दिया, तो उसे इससे भी अधिक विनाशकारी हमलों का सामना करना पड़ेगा।
ट्रंप ने नेतन्याहू को फोन कर दी सलाह
इस बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भी एंट्री हुई है। ट्रंप को इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को फोन किया और उन्हें सलाह दी कि वे फिलहाल ईरान पर पलटवार न करें। ट्रंप का मानना है कि यदि इजरायल अभी जवाबी हमला करता है, तो चल रही शांति की ‘डील’ बिगड़ सकती है।
अमेरिकी ठिकानों पर मंडराया खतरा
ईरान ने न केवल इजरायल बल्कि अमेरिका को भी सीधी धमकी दी है। ईरान के विदेश मंत्रालय और सैन्य सूत्रों ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि इजरायल जवाबी हमला करता है, तो इस क्षेत्र में मौजूद अमेरिका के सभी सैन्य ठिकाने ईरान के लिए वैध लक्ष्य माने जाएंगे।
इसका सीधा मतलब है कि यह तनाव अब एक क्षेत्रीय जंग का रूप ले सकता है, जिसमें महाशक्तियों का सीधा हस्तक्षेप हो सकता है। फिलहाल, इजरायली सेना का दावा है कि उसने ईरान की सभी मिसाइलों को बीच में ही मार गिराया है।
