भीषण जल संकटः बुरी तरह प्रभावित हो रहा लोगों का दैनिक जीवन

इंदौर: शहर में लगातार बढ़ते जल संकट के बीच नगर निगम की कार्यप्रणाली और व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे हैं. बंगाली कॉलोनी क्षेत्र से जल संकट की भयावह तस्वीर सामने आई है, जहां रहवासी पानी की एक-एक बूंद के लिए संघर्ष करने को मजबूर हैं. स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि लोगों का दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है.
वार्ड क्रमांक 41 स्थित देवपुरी कॉलोनी पालीवाल धर्मशाला क्षेत्र में दो दिन के अंतराल से निगम का छोटा टैंकर पहुंचता है और प्रत्येक परिवार को केवल एक कोठी पानी उपलब्ध कराया जाता है, इतनी कम मात्रा में पानी से परिवारों की जरूरतें पूरी नहीं हो पा रही हैं, जिसके चलते लोगों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है. महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. क्षेत्र में हर वर्ष गर्मी के मौसम में पानी की समस्या रहती है, लेकिन इस बार हालात विकराल रूप धारण कर चुके हैं. कॉलोनी में नर्मदा पाइपलाइन बिछी होने के बावजूद मात्र 10 मिनट जलापूर्ति की जाती है, वह भी इतने कम दबाव से कि एक-दो बाल्टी पानी ही भर पाता है.
जल संकट से त्रस्त लोग वार्ड में बनी पानी की टंकी तक पहुंचकर अपनी जरूरत का पानी जुटाने को विवश हैं. स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर निगम को तत्काल टैंकरों की संख्या बढ़ानी चाहिए और नर्मदा लाइन से होने वाली जलापूर्ति का समय भी बढ़ाना चाहिए, ताकि क्षेत्रवासियों को राहत मिल सके. नवभारत द्वारा इस संदर्भ में जब क्षेत्र पार्षद प्रणव मंडल से फोन पर संपर्क किया तो उनका मोबाइल कई घंटे तक बंद मिला और शाम को जब मोबाइल चालू हुआ तो कई बार लगाने के बावजूद उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया.

यह बोले रहवासी…

पानी का टैंकर छोटा होता है, वह भी एक बार और हर घर को एक कोठी पानी देता है, दो दिन तक कैसे चलेगी. हर दिन पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है.
– देवीलाल राठौर

टैंकर नाम मात्र है, दूसरे क्षेत्र से चार-छह कुप्पी पानी लाना पड़ता है.कम से कम हर दिन दो कोठी पानी देना चाहिए. नर्मदा लाइन से आधा घंटा पानी सप्लाई करना चाहिए.
– विजय राठौड़

हमें ना पीने का और न वापरने का पानी मिल रहा है. नर्मदा लाइन से पानी जितनी देर आता है, उतने में मात्र चार बाल्टी की बमुश्किल भरा रही हैं. हमारे क्षेत्र में टैंकर ही नहीं आ रहे हैं.
– गणपति बाई निमोरे

सामने वाली पट्टी में सरकारी पानी का टैंकर आता है, हमारे इधर अंदर की साइड नहीं आता. हमें 1200 से 1500 रुपए देकर निजी टैंकर बुलवाना पड़ता है. समस्या सुनने के लिए पार्षद भी नहीं आता.
– शारदा बाई

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