उज्जैन: नानाखेड़ा चौराहा वर्तमान में शहर का सबसे व्यस्त यातायात केंद्र माना जाता है. सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए इसे आधुनिक स्वरूप देने की दिशा में काम शुरू किया जा रहा है. शहर के अन्य प्रमुख चौराहों की तर्ज पर नानाखेड़ा चौराहे को भी आकर्षक और व्यवस्थित बनाने की योजना बनाई जा रही है. चौराहे पर यातायात प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था और सौंदर्यीकरण के नए मानक विकसित किए जाएंगे.
सिंहस्थ महाकुंभ-2028 की तैयारियों के बीच शहर के सबसे महत्वपूर्ण प्रवेश द्वारों में शामिल नानाखेड़ा चौराहा और बस स्टैंड क्षेत्र अब नए स्वरूप में नजर आने की तैयारी में है. नगर निगम, स्मार्ट सिटी और विभिन्न विभागों द्वारा इस पूरे क्षेत्र के सौंदर्यीकरण, विस्तारीकरण और आधुनिक यातायात सुविधाओं को लेकर व्यापक कार्ययोजना तैयार की जा रही है. उद्देश्य यह है कि महाकाल की नगरी में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को बेहतर यातायात, आधुनिक सुविधाएं और आकर्षक शहरी वातावरण उपलब्ध कराया जा सके.
रातरानी के पौधे
योजना के तहत चौराहे और आसपास के क्षेत्रों में हरियाली बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. आसपास के स्थानों पर रातरानी एवं अन्य सुगंधित पौधों का रोपण कर वातावरण को अधिक आकर्षक बनाया जाएगा. इसके साथ ही आधुनिक लैंडस्केपिंग, सजावटी उद्यान और सार्वजनिक स्थलों का विकास भी प्रस्तावित है.
चौराहा और बस स्टैंड
नानाखेड़ा क्षेत्र में विकसित हो रहे नैवेद्य लोक और अन्य सार्वजनिक स्थलों को ध्यान में रखते हुए आधुनिक फूड स्ट्रीट, वॉकेबल स्पेस और पैदल यात्रियों के अनुकूल मार्ग विकसित किए जाएंगे. इससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को एक बेहतर सांस्कृतिक और सामाजिक अनुभव मिल सकेगा. वहीं मध्यप्रदेश के सबसे बड़े बस स्टैंड में शामिल नानाखेड़ा स्टैंड को भी स्वच्छ, सुव्यवस्थित और आधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाने की दिशा में पहल की जा रही है.
नानाखेड़ा से शांति पैलेस
इसके अलावा नानाखेड़ा चौराहे से शांति पैलेस होटल की ओर एक चौड़ा सिक्स लेन मार्ग विकसित किया जा रहा है, जिसके दोनों ओर सर्विस रोड भी बनाई जाएगी. सर्विस रोड के कारण यह मार्ग देखने में लगभग आठ लेन सड़क जैसा दिखाई देगा. यह सड़क नानाखेड़ा खेल स्टेडियम के सामने से होते हुए हरीफाटक सिंहस्थ बायपास मार्ग से जुड़ेगी.
भीड़ प्रबंधन में सहायक
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार सिंहस्थ महाकुंभ के दौरान साधु-संतों और श्रद्धालुओं की आवाजाही के लिए यह मार्ग अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगा. इस सड़क पर वाहनों और पैदल यात्रियों दोनों के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध रहेगा, जिससे भीड़ प्रबंधन और यातायात संचालन में सुविधा होगी.
समुद्र मंथन प्रतिकृति
नानाखेड़ा चौराहे के सौंदर्यीकरण को विशेष महत्व दिए जाने के पीछे एक बड़ा कारण इसकी धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान भी है. वर्ष 2016 के सिंहस्थ महापर्व के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री के कार्यकाल में यहां समुद्र मंथन की भव्य प्रतिकृति स्थापित की गई थी, जो आज भी उज्जैनवासियों और बाहर से आने वाले यात्रियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. अब इसी तर्ज पर चौराहे पर एक नई और भव्य प्रतिमा अथवा थीम आधारित संरचना विकसित करने की योजना पर विचार किया जा रहा है. इसके लिए स्मार्ट सिटी और नगर निगम द्वारा विभिन्न प्रस्तावों पर मंथन किया जा रहा है ताकि सिंहस्थ-2028 से पहले नानाखेड़ा क्षेत्र को एक नई पहचान दी जा सके.
अधिकारी प्रस्तुत करेंगे अपने-अपने प्लान
नवभारत को मिली जानकारी के अनुसार सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह,उज्जैन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह, नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा, स्मार्ट सिटी सीईओ संदीप शिवा तथा विकास प्राधिकरण सीईओ संदीप सोनी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी नानाखेड़ा क्षेत्र के समग्र विकास और सौंदर्यीकरण को लेकर अपने-अपने प्रस्ताव तैयार कर रहे हैं. आगामी बैठकों में सभी विभाग अपनी कार्ययोजनाएं प्रस्तुत करेंगे
