इंदौर में मेट्रो चलने की प्रस्तावना 2011 में रखी गई थी. तत्कालीन नगरीय प्रशासन मंत्री बाबूलाल गौर ने घोषणा की थी कि भोपाल और इंदौर में मेट्रो रेल चलाई जाएगी. इसके बाद मेट्रो की डीपीआर 2011 दिसम्बर में बनाने का पर सहमति दी गई. 2012 में डीएमआरसी ने दौरा कर प्रस्तावित रूट की जानकारी ली और डीपीआर तैयार करने की अनुमति दी. डीपीआर बनाने का ठेका मुंबई की कंपनी को दिया गया.
डीपीआर और बजट में मामला उलझा रहा. इसके बाद डीपीआर बनकर आइ और दिल्ली से मंजूरी के बाद 2018 के विधानसभा चुनाव में पूर्व तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल इंदौर में मेट्रो रेल शुरू करने का घोषणा पत्र में वादा किया. 2019 में तत्कालीन मुख्यमंत्री कमल नाथ ने मेट्रो रेल निर्माण की शुरुआत की. आज 31 मई 2025 को देवी अहिल्याबाई होलकर की जयंती पर मोहन सरकार ने शहर में मेट्रो सफर की शुरुआत करवा दी.
भविष्य में छह माह बाद होगा मेट्रो का सफर 17 किलोमीटर लंबा
आज मेट्रो रेल सेवा की शुरुआत भले ही छह किलोमीटर लंबी दूरी की है. यह 6 किलोमीटर निर्माण का सफर तय करने में भले ही सालों लगे हो, लेकिन अगले 11 किलोमीटर के लिए सिर्फ छह माह का इंतजार करना पड़ेगा. सुपर कॉरिडोर-3 के बाद रेडिसन चौराहे तक मैट्रो दिवाली तक दौड़ने लगेगी. यह पूरा एलिवेटेड कॉरिडोर है. इसके 11 में से पांच स्टेशन का काम पूरा हो गया है और शेष 6 स्टेशन में भी 75 प्रतिशत कम हो चुका है. शेष 25 प्रतिशत काम अगस्त तक पूरा हो जाएगा. इसके बाद मेट्रो येलो लाइन गांधीनगर अहिल्या बाई टर्मिनल से रेडिसन चौराहा टर्मिंनल तक 17 किलोमीटर का सफर करने लगेगी. इस दौरान 16 स्टेशन पर रुकेगी.
