इंदौर: में लोकमाता अहिल्याबाई त्रिशताब्दी समापन समारोह के अंतर्गत मैं भी अहिल्या कार्यक्रम का आयोजन बास्केटबॉल कॉम्प्लेक्स में हुआ, जिसमें 5000 से अधिक महिलाओं ने भाग लिया. मुख्य वक्ता पद्मश्री लोकगायिका मालिनी अवस्थी ने कहा कि अहिल्या बाई ने अपने तेज और तप से भारत की आध्यात्मिक चेतना को जागृत किया और एक मां की तरह राज्य को संचालित किया.
पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि अहिल्या केवल महिलाओं की ही नहीं, बल्कि सभी के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं। उनके कार्यों में जनकल्याण और धर्म का समन्वय था. समिति की संरक्षक सोनल मानसिंह ने माता अहिल्या के जीवन को पाठ्यक्रम में शामिल करने और “लोकमाता अहिल्या गौरव सम्मान” शुरू करने का सुझाव दिया.कार्यक्रम में सुमित्रा महाजन, जगद्गुरु शंकराचार्य ज्ञानानंद, उदयराजे होलकर सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे. कार्यक्रम की शुरुआत अहिल्याबाई के जीवन पर आधारित नृत्य नाटिका से हुई.
