जबलपुर: 11 दिन की मौन साधना में लीन हुईं साध्वी हर्षा रिछारिया उर्फ साध्वी हर्षानंद गिरि ने मां नर्मदा तट स्थित गौरीघाट पर पूजा-अर्चना किया और यहां मौन व्रत, एकांतवास की शुरुआत की है।इसके पहले उन्होंने कहा कि अभी जिन देशों में युद्ध चल रहा है, उसका असर हमारे भारत में भी पड़ रहा है,सबसे ज्यादा मध्यमवर्गीय परिवार इस युद्ध का शिकार हो रहे है।
युद्ध रूक जाए और चारों तरफ शांति ही शांति रहे। हमारा देश वापस सामान्य परिस्थिति में आ जाए जिससे कि मंहगाई कम हो और देश की जनता खुशहाल हो। वर्तमान समय युद्ध और अशांति का दौर है। देश की जनता को महंगाई से राहत मिले और भारत हिंदू राष्ट्र बने, इसी कामना के साथ वे मौन साधना में लीन हुई। साध्वी हर्षानंद गिरि ने मौनव्रत के साथ ही अन्न त्याग के साथ जूते चप्पल का त्याग किया है ।
जानकारी के मुताबिक साध्वी हर्षा रिछारिया उर्फ साध्वी हर्षानंद गिरि 11 दिनों तक मौन व्रत में रहेंगी और 15 जून को गौरीघाट पर ही साधना पूर्ण होने के बाद लोगों से संवाद करेंगी इसके बाद 15 जून को 11 दिन पूर्ण होने पर शाम को साध्वी हर्षानंद गौरीघाट पहुंचेगी और आरती के पश्चात प्रसाद वितरण के साथ ही साधना को विराम दिया जाएगा।अगर उनके उद्देश्य पूर्ण हो जाते हैं तो जल्दी ही वो नर्मदा जी की पैदल परिक्रमा पर निकल जायेंगी।
