
हाईकोर्ट ने राज्य शासन सहित अन्य से मांगा जवाब
जबलपुर। हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी व न्यायमूर्ति अनुराधा शुक्ला की युगलपीठ ने विधि छात्र के विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम अंतर्गत की गई कार्रवाई को चुनौती के मामले में जवाब-तलब कर लिया है। इस सिलसिले में राज्य शासन व कलेक्टर बैतूल सहित अन्य को नोटिस जारी किए गए हैं।
बैतूल निवासी विधि छात्र अन्नू उर्फ अनिकेत की ओर से उसके पिता ने याचिका दायर की। उनका पक्ष अधिवक्ता सुशील कुमार तिवारी व असीम त्रिवेदी ने रखा। उन्होंने दलील दी कि बैतूल जिले में असिस्टेंट प्रोफेसर के साथ कथित मारपीट के प्रकरण में याचिकाकर्ता के पुत्र के विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम अंतर्गत कार्रवाई की गई है, जो कि नियम विरुद्ध होने के कारण चुनौती के योग्य है। दरअसल, विवाद अनुसूचित जाति की एक छात्र से असिस्टेंट प्रोफेसर द्वारा अशोभनीय व्यवहार किए जाने से संबंधित था। फोटोग्राफी में अस्टिेंट प्रोफेसर ही छात्रा के साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। इसके बावजूद महज एक समुदाय विशेष के अनुचित राजनीतिक दबाव के कारण याचिकाकर्ता के पुत्र को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत निरुद्ध कर दिया गया। इस कार्रवाई में संवैधानिक प्रक्रिया का हनन किया गया है। ऐसा इसलिए क्योंकि जिला मजिस्ट्रेट ने राज्य शासन के समक्ष पुष्टि के लिए निरोध आदेश प्रेषित नहीं किया। निरोध के आधार पर सामग्री भी सरकार को प्रेषित नहीं की गई। लिहाजा, अनुचित कार्रवाई निरस्त की जाए।
