बेरूत | लेबनान और इजरायल के बीच सीमा पर जारी तनाव के बीच हिजबुल्लाह द्वारा इजरायली विमानों को निशाना बनाकर दागी गई मिसाइलों ने माहौल बिगाड़ दिया है। हालांकि इन हमलों में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन उत्तर-पूर्वी इजरायल के कई गांवों में सायरन बजने से हजारों लोगों को सुरक्षित ठिकानों (शेल्टर) में शरण लेनी पड़ी। इस घटनाक्रम ने युद्धविराम की उम्मीदों को गहरा झटका दिया है।
राष्ट्रपति आउन का ईरान पर तीखा प्रहार
इस सैन्य टकराव के बीच लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने ईरान के हस्तक्षेप पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने ईरान और हिजबुल्लाह को दो टूक लहजे में चेतावनी देते हुए कहा, “यह आपका देश नहीं है, यह हमारा देश है।” उन्होंने ईरान पर लेबनान को अपने भू-राजनीतिक हितों के लिए एक ‘मोहरे’ के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया और कहा कि लेबनान किसी अन्य देश की शर्तों का गुलाम नहीं बनेगा।
हिजबुल्लाह के खिलाफ घरेलू मोर्चा
राष्ट्रपति आउन ने हिजबुल्लाह के नेतृत्व को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि लेबनान की जनता दशकों के युद्ध और विस्थापन से थक चुकी है। उन्होंने हिजबुल्लाह द्वारा सरकार को अस्थिर करने की धमकियों का जवाब देते हुए स्पष्ट किया कि देश की जनता किसी एक संगठन के दबाव में नहीं आएगी। अब लेबनान अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए इजरायल के साथ स्थायी शांति और आंतरिक मोर्चे पर कड़े फैसलों की ओर बढ़ रहा है।

