गोरखपुर | बढ़ती गर्मी और लू के खतरों को देखते हुए एम्स गोरखपुर ने एक महत्वपूर्ण डिजिटल नवाचार के रूप में ‘हीट अलर्ट ऐप’ का शुभारंभ किया है। इस ऐप का विकास एम्स के ‘सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च एंड डेटा एनालिटिक्स इन हेल्थ एंड एनवायरनमेंट’ (CePRAHE) द्वारा किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य आम जनता और संवेदनशील आबादी को गर्मी से संबंधित बीमारियों से बचाने के लिए समय पर सटीक मार्गदर्शन प्रदान करना है।
ऐप की प्रमुख विशेषताएं और उपयोगिता
यह ऐप रियल-टाइम मौसम की जानकारी के साथ-साथ हीट इंडेक्स, यूवी इंडेक्स और वायु गुणवत्ता (AQI) जैसे महत्वपूर्ण आंकड़े उपलब्ध कराता है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता चिकित्सकों द्वारा तैयार किया गया स्वास्थ्य परामर्श है, जिसमें पर्याप्त पानी पीने, उपयुक्त वस्त्र चुनने और हीट स्ट्रोक के लक्षणों की पहचान करने जैसे महत्वपूर्ण सुझाव शामिल हैं। यह नियोक्ताओं और श्रमिकों को अत्यधिक गर्मी के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में भी सचेत करता है।
आम जनता के लिए आसान पहुंच
एम्स गोरखपुर की कार्यकारी निदेशक मेजर जनरल डॉ. विभा दत्ता ने बताया कि जलवायु परिवर्तन के इस दौर में विश्वसनीय जानकारी जीवन रक्षा के लिए जरूरी है। यह ऐप वर्तमान में CePRAHE की आधिकारिक वेबसाइट पर हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध है और जल्द ही इसे गूगल प्ले स्टोर पर भी जारी कर दिया जाएगा। इस पहल से समुदायों को गर्मी से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति जागरूक और सुरक्षित बनाने में मदद मिलेगी।

