इंदौर: आईडीए द्वारा एमआर 12 पर तीन लेन का फ्लाई ओवर ब्रिज बनाया जाएगा. इसके आईडीए ने टेंडर जारी करने की तैयारी कर ली है. संभवतः इस महीने एमआर टेंडर जारी कर दिया जाएगा. खास बात यह है कि उक्त फ्लाई ओवर ब्रिज पहले आईडीए 6 लेन का बना रहा था, लेकिन पीडब्ल्यूडी विभाग से विवाद के बाद एक तरफ का तीन लेन हिस्सा बनाएगा. उक्त तीन लेन ब्रिज सिंहस्थ के पहले निर्माण करने का लक्ष्य तय किया है.
आईडीए ने सिंहस्थ को लेकर बड़ी चुनौती ले ली है. आईडीए एमआर-12 सड़क पर तीन लेन का रेलवे ओवरब्रिज निर्माण करेगा. आईडीए ने 750 मीटर लंबे और तीन लेन चौड़े ब्रिज निर्माण की अनुमानित लागत 42 करोड़ रुपए के आसपास आंकी है. इसके लिए आईडीए ने रेल्वे विभाग एक हिस्से के ड्राइंग डिजाइन और ब्रिज अलॉयमेंट बदलने का काम कर लिया है. आईडीए द्वारा उक्त ब्रिज निर्माण के टेंडर इसी जाती किए जाने की संभावना है, क्योंकि आईडीए को सिंहस्थ कर पहले रेलवे ओवरब्रिज शुर्ह करना है. आईडीए के पास सिर्फ 15 महीने का समय है, यानी दिसंबर 2027 तक.
मार्च 2828 से सिंहस्थ मेला शुरू होने की तारीखें घोषित हो चुकी है. ध्यान रहे कि आईडीए को पश्चिम रेल मंडल द्वारा एमआर 12 पर रेलवे ओवर ब्रिज निर्माण का मंजूरी पत्र मिल गया था. इसमें रेलवे स्पान की ड्राइंग और डिजाइन के साथ तकनीकी मंजूरी होती है, जो ब्रिज निर्माण के दौरान निर्माण एजेंसी को विशेष ध्यान रखना जरूरी होता है. आईडीए एमआर 12 सड़क पर केलोद हाला गांव के रेलवे क्रॉसिंग पर ब्रिज निर्माण करेगा.
निर्माण कार्य में देरी का कारण पीडब्ल्यूडी द्वारा उक्त ब्रिज का ठेका देने की बात पर दोनों विभाग आमने सामने हो गए थे. बाद में सचिव स्तर पर बैठक कर निर्णय किया गया कि 6 लेन में से एक तीन लेन का हिस्सा आईडीए और दूसरा तीन लेन का हिस्सा पीडब्ल्यूडी बनाएगा. पीडब्ल्यूडी का भी उक्त रेलवे ओवरब्रिज निर्माण का कार्य चल रहा है. बताया जाता है कि उक्त ब्रिज को आईडीए सिंहस्थ के कारण 2027 मार्च में निर्माण पूरा करने का लक्ष्य लेकर चल रहा था. मगर अब विवाद के बाद फिर से सारी तैयारियां करके इस महीने टेंडर जारी करेगा. अब दिसंबर 2027 में ब्रिज निर्माण कार्य पूरा करने की योजना बना रहा है.
विभागों से संशोधन होकर आया
आईडीए सीईओ डॉ. परीक्षित झाड़े ने बताया कि रेलवे विभाग से संशोधन होकर आ गया है. साथ ही टीएनसीपी से ब्रिज का 90 डिग्री एंगल भी संशोधित होकर आ गया है. जल्दी टेंडर जारी कर निर्माण शुरू कर देंगे. सिंहस्थ के पहले रेलवे ओवरब्रिज शुरू करने का लक्ष्य भी तय करके चलेंगे.
सिंहस्थ का यातायात दबाव कम करने बड़ा सहायक होगा ब्रिज
एमआर 12 सड़क 250 फीट चौड़ी बन रही है. उक्त सड़क पर फ्लाई ओवर ब्रिज बनने के बाद उज्जैन रोड पर आने और जाने वाले वाहन सीधे बायपास पर पहुंच जाएंगे. इससे सिंहस्थ में यातायात व्यवस्था को सुगमता मिलेगी. इसमें पीडब्ल्यूडी के कारण विवाद की स्थिति बन गई थी. अब आईडीए 3 लेन ब्रिज बना रहा है और उक्त ब्रिज एक साल में पूरा करने का लक्ष्य लेकर टेंडर जारी करने वाला है. इसके बाद भौरासला चौराहे से सीधे बायपास और बायपास से सीधे उज्जैन रोड पर आने के लिए उक्त एमआर 12 ब्रिज यातायात के सुगमता के लिए जीवन रेखा साबित होगा. शहर में यातायात का दबाव कम होगा
