लखनऊ, 05 जून (वार्ता) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को कहा कि भारत को पारंपरिक प्लास्टिक पर निर्भरता कम कर टिकाऊ एवं पर्यावरण हितैषी विकल्पों की ओर तेजी से बढ़ना होगा। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर बलरामपुर चीनी मिल्स लिमिटेड (बीसीएमएल) और लखनऊ छावनी बोर्ड ने शुक्रवार को ”बायोयुग ग्रीन कमांड-2026” पहल की शुरुआत की। देश में अपनी तरह के इस पहले मंच का उद्देश्य बायोप्लास्टिक के उपयोग को बढ़ावा देना तथा पर्यावरण अनुकूल विकल्पों के माध्यम से प्लास्टिक प्रदूषण को कम करना है। कार्यक्रम का उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सामाजिक दायित्व नहीं बल्कि देश के भविष्य और राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जुड़ा विषय है। रक्षा मंत्री ने कहा कि वैज्ञानिक शोधों में माइक्रोप्लास्टिक के दुष्प्रभाव लगातार सामने आ रहे हैं। माइक्रोप्लास्टिक के कण मानव रक्त, नवजात शिशुओं और समुद्री जीवों तक में पाए जा रहे हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक प्रदूषण न केवल पर्यावरण बल्कि मानव स्वास्थ्य के लिए भी बड़ा खतरा बन चुका है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में कृषि एवं बायो-इकोनॉमी को नई दिशा मिली है। प्रदेश अब पारंपरिक विकास मॉडल से आगे बढ़कर बायो आधारित अर्थव्यवस्था की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि ”बाहुबली युग” से आगे बढ़कर उत्तर प्रदेश ”बायोयुग” की ओर कदम बढ़ा रहा है।
इस अवसर पर बलरामपुर बायोयुग और लखनऊ छावनी बोर्ड के बीच औपचारिक साझेदारी की भी शुरुआत की गई। दोनों संस्थाओं के बीच इससे पूर्व एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं, जिसके तहत कम्पोस्टेबल पीएलए (पॉली लैक्टिक एसिड) आधारित उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। पहल का उद्देश्य प्लास्टिक कचरे में कमी लाना, जिम्मेदार उपभोग को प्रोत्साहित करना तथा भारत के पर्यावरणीय लक्ष्यों को समर्थन देना है।
कार्यक्रम के दौरान भारत की उभरती बायोप्लास्टिक वैल्यू चेन को प्रदर्शित करने वाली प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। साथ ही ”बिल्डिंग स्किल्स-ट्रांसफॉर्मिंग फ्यूचर्स : बलरामपुर बायोयुग बायोप्लास्टिक 3डी प्रिंटिंग प्रोजेक्ट” के अंतर्गत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली आईटीआई छात्राओं को सम्मानित किया गया।
यह परियोजना बलरामपुर फाउंडेशन, बलरामपुर बायोयुग और आईटीआई मोहम्मदी, लखीमपुर खीरी के सहयोग से संचालित की जा रही है। इसका उद्देश्य युवतियों को बायोप्लास्टिक आधारित 3डी प्रिंटिंग तकनीक का प्रशिक्षण देकर रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर उपलब्ध कराना है।
बीसीएमएल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक विवेक सराओगी ने कहा कि भारत की सस्टेनेबिलिटी यात्रा ऐसे दौर में है जहां आर्थिक विकास और पर्यावरणीय जिम्मेदारी को साथ लेकर चलना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बायोयुग ग्रीन कमांड-2026 सरकार, उद्योग, शिक्षण संस्थानों और समुदायों को एक मंच पर लाकर हरित भविष्य के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करेगा।
बीसीएमएल की कार्यकारी निदेशक अवंतिका सराओगी ने कहा कि बायोमटीरियल आधारित अर्थव्यवस्था किसानों को सशक्त बनाने, नए उद्योगों को बढ़ावा देने और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने कहा कि पिछली सदी पेट्रोकेमिकल आधारित अर्थव्यवस्था की थी, जबकि आने वाला समय कृषि आधारित जैविक अर्थव्यवस्था का हो सकता है।
कार्यक्रम में नीति निर्माताओं, रक्षा क्षेत्र के प्रतिनिधियों, सरकारी अधिकारियों, उद्योग जगत के विशेषज्ञों, शोध संस्थानों तथा विभिन्न हितधारकों ने भाग लिया और भारत में सस्टेनेबल सामग्री तथा बायोप्लास्टिक के भविष्य पर विचार-विमर्श किया।
