
छतरपुर। मध्यप्रदेश के छतरपुर शहर में गुरुवार देर रात एक मामूली सड़क दुर्घटना ने देखते ही देखते बड़े विवाद का रूप ले लिया। महोबा रोड पर दो वाहनों की टक्कर के बाद शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि मारपीट, पुलिसकर्मियों पर हमला, पत्रकारों से अभद्रता और देर रात तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। हालात को नियंत्रित करने के लिए शहर के तीनों थानों का पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
कैसे शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, सौंरा रोड निवासी 25 वर्षीय योगेंद्र कुमार श्रीवास अपनी पत्नी कोमल और दो वर्षीय बेटी अनवी के साथ स्कूटर से घर लौट रहे थे। महोबा रोड स्थित गुरुद्वारे के पास उनकी स्कूटर की टक्कर एक मोटरसाइकिल से हो गई। आरोप है कि दुर्घटना के बाद मोटरसाइकिल चालक ने अपने साथियों को मौके पर बुला लिया, जिसके बाद विवाद बढ़ गया।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि मौके पर पहुंचे लोगों ने उनके साथ मारपीट की। परिवार के सदस्यों को चोटें आईं और बीच-बचाव करने वाले कुछ लोगों के साथ भी कथित रूप से मारपीट की गई।
पुलिसकर्मियों पर भी हमला
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस के अनुसार, आरोपियों की तलाश में जब जवान संबंधित मोहल्ले में पहुंचे तो उनके साथ धक्का-मुक्की की गई। इस दौरान दो पुलिसकर्मी घायल हो गए और उनकी वर्दी को नुकसान पहुंचा। बाद में अतिरिक्त पुलिस बल बुलाकर स्थिति को नियंत्रित किया गया।
पत्रकारों ने भी दर्ज कराई शिकायत
घटना की कवरेज करने पहुंचे कुछ स्थानीय पत्रकारों ने भी मारपीट और अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अलग से मामला दर्ज किया है। पत्रकारों का कहना है कि विवाद के दौरान उन पर भी हमला किया गया, जिससे उन्हें चोटें आईं।
तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज
पुलिस ने पूरे घटनाक्रम को लेकर तीन अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए हैं। पहला मामला सड़क दुर्घटना के बाद हुई मारपीट से संबंधित है। दूसरा मामला पुलिसकर्मियों के साथ कथित मारपीट और शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने का है। तीसरा मामला पत्रकारों की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है।
देर रात तक बना रहा तनाव
घटना की जानकारी फैलने के बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए। इससे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और अतिरिक्त बल तैनात किया। देर रात तक पुलिस क्षेत्र में गश्त करती रही।
पुलिस जांच जारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पक्षों की शिकायतों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जा रही है। वायरल वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य सबूतों की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कानून व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के बाद शहर में कानून व्यवस्था को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। नागरिकों का कहना है कि लगातार सामने आ रही आपराधिक घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण की आवश्यकता है। वहीं पुलिस का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी प्रकार की कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
