वाशिंगटन | अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई के साथ मुलाकात की संभावना व्यक्त कर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि यदि दोनों देशों के बीच युद्ध को समाप्त करने हेतु कोई ठोस समझौता होता है, तो वह मुजतबा से मिलने के लिए तैयार हैं और इसे वह अपने लिए सम्मान की बात मानेंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि यदि ईरान द्वारा किसी भी अमेरिकी सैनिक को नुकसान पहुँचाया गया, तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई के लिए फिर से तैयार रहेगा।
ईरान की सैन्य क्षमता पर ट्रंप का प्रहार
राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान की वर्तमान सैन्य स्थिति पर तंज कसते हुए उसे बेहद कमजोर बताया। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी हमलों के बाद ईरान की नौसेना पूरी तरह नष्ट हो चुकी है और उनके सभी समुद्री जहाज समुद्र में डूब चुके हैं। ट्रंप ने ईरान के दावों को झूठा करार देते हुए कहा कि अमेरिका के पास उनके विनाश के पुख्ता सबूत मौजूद हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान को मजबूत दिखाने वाली खबरें पूरी तरह से बेबुनियाद और भ्रामक हैं।
अमेरिकी संसद में कूटनीतिक गतिरोध
अपने ही देश की प्रतिनिधि सभा के फैसलों पर नाराजगी जताते हुए ट्रंप ने ईरान पर सैन्य कार्रवाई को सीमित करने वाले हालिया प्रस्ताव की कड़ी आलोचना की। उन्होंने अपनी पार्टी के उन चार सांसदों की भी निंदा की, जिन्होंने डेमोक्रेट्स का साथ देकर इस प्रस्ताव का समर्थन किया। ट्रंप के अनुसार, यह कदम देश की सुरक्षा और उनकी कूटनीतिक रणनीति को कमजोर करने वाला है। इस राजनीतिक खींचतान के बीच मुजतबा खामेनेई के साथ संभावित मुलाकात की चर्चा ने वैश्विक पटल पर नए कयासों को जन्म दे दिया है।

