जबलपुर: मध्यप्रदेश शासन के द्वारा जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत जल स्त्रोतों के संरक्षण एवं संवर्धन के संबंध में जारी दिशा निर्देशों के अनुरूप नगर निगम द्वारा महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू एवं निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार, जल संरक्षण एवं जल स्त्रोंतों को संवर्धन करने की दिशा में लगातार प्रयास कर रहे हैं। इन प्रयासों के तहत् शहर के सभी प्रमुख ताल तलैयों के अलावा कुओं की भी सफाई कराई जा रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आह्वान पर शुरू हुआ जल गंगा संवर्धन अभियान जबलपुर में अब एक महा-अभियान का रूप ले चुका है। इस अभियान के तहत नगर निगम द्वारा बेहद सराहनीय और योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। शहर के पारंपरिक ताल-तलैयों और बावलियों की सफाई के साथ-साथ 100 ऐतिहासिक और पारंपरिक कुओं के कायाकल्प का बड़ा लक्ष्य तय किया गया है। इस अभियान के तहत अब तक 70 ऐतिहासिक कुओं की सफाई और जीर्णोद्धार का कार्य पूरा किया जा चुका है।
प्रभारी आयुक्त अरविंद शाह एवं कार्यपालन यंत्री कमलेश श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए बताया कि नगर निगम सीमा के अंतर्गत आने वाले कई प्रमुख और ऐतिहासिक कुओं को इस अभियान के तहत आज नया जीवन मिला है, जिसमें ताज पैलेस के पास, जमुनिया कुऑं, और गढ़ा बाजार का प्रसिद्ध चिकनी कुऑं, तैयावली पेट्रोल पंप के पास स्थित कुआँ, छोटा जैन मंदिर के पीछे सुधासागर का कुआँ, शाही नाका मोहन बिहार कॉलोनी पार्षद के घर के सामने का कुआँ और यातायात चैक के पास स्थित ऐतिहासिक कुआँ आदि शामिल हैं।
आने वाली पीढ़ी की होगी खुशहाली
जल गंगा संवर्धन अभियान से जुड़कर जबलपुर के नागरिक अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए पानी और खुशहाली दोनों सुरक्षित कर रहे हैं। भूजल स्तर में सुधार होने से गर्मियों में पानी की किल्लत से निजात मिलेगी। इतिहास और परंपरा को समेटे हुए इन कुओं के जीर्णोद्धार से शहर की प्राचीन विरासत सुरक्षित हो रही है। इस अभियान में नगर निगम के साथ-साथ स्थानीय नागरिक और सामाजिक संगठन भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।
