नई दिल्ली | समुद्र की लहरों पर एक विशाल तैरता हुआ महानगर बनाने की महत्वाकांक्षी योजना हकीकत के करीब पहुंच रही है। ‘फ्रीडम शिप’ नामक इस मेगा प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 1.25 लाख करोड़ रुपये है। यह जहाज किसी भी सामान्य क्रूज से कहीं अधिक बड़ा और आधुनिक होगा। फ्रीडम क्रूज लाइन इंटरनेशनल के नेतृत्व में बन रहा यह प्रोजेक्ट मानव इतिहास के सबसे अनूठे और साहसी इंजीनियरिंग अजूबों में से एक साबित होने वाला है।

सुविधाओं का अनूठा संगम
इस तैरते शहर का इंफ्रास्ट्रक्चर किसी आधुनिक ग्लोबल मेट्रो सिटी से कम नहीं होगा। प्रोजेक्ट के ब्लूप्रिंट के अनुसार, यहाँ हजारों लोगों के लिए लग्जरी अपार्टमेंट्स, अत्याधुनिक रिसर्च हॉस्पिटल, स्कूल, शॉपिंग मॉल, वॉटर पार्क और कॉर्पोरेट ऑफिस स्पेस होंगे। इसकी सबसे बड़ी विशेषता इसकी छत पर बनने वाला एविएशन डेक है, जहाँ छोटे कमर्शियल विमान और प्राइवेट जेट लैंड कर सकेंगे। साथ ही, चौबीसों घंटे कनेक्टिविटी के लिए 8 हेलीपैड भी प्रस्तावित हैं।

चुनौतियां और भविष्य की राह
यह प्रोजेक्ट जितना रोमांचक है, इसके निर्माण में उतनी ही बड़ी चुनौतियां भी हैं। इतने विशाल ढांचे को बनाने के लिए अरबों डॉलर के निवेश के साथ-साथ इंजीनियरिंग के अभूतपूर्व कौशल की आवश्यकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस जहाज को सुचारू रूप से चलाने के लिए न्यूक्लियर प्रोपल्शन ही एकमात्र समाधान हो सकता है। यह जहाज हर 2 से 3 साल में दुनिया का चक्कर लगाएगा और अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में ही अपनी यात्रा पूरी करेगा।

