सैकड़ों फिट नीचे खदान में उतरकर कोयला उत्पादन में सहभागिता निभायेगी महिलाएं

परासिया। सियाल घोघरी कोयला खदान प्रबंधन ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए पहली बार 28 महिलाओं को अंडरग्राउंड कोयला खदान में श्रमिक के रूप में कार्य करने का अवसर दिया है। हजारों फीट की गहराई में पुरुष श्रमिकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य कर रही ये महिलाएं अब खदान की उत्पादकता बढ़ाने के साथ-साथ सामाजिक बदलाव की नई मिसाल भी बन गई हैं।

इस पहल में शामिल महिलाओं में सोनम पहाड़े, सरला पाटिल, पूनम साहू, सरोज झाड़े और सारिका उइके सहित कुल 28 महिलाएं शामिल हैं, जो आसपास के 7-8 गांवों से आती हैं। इनमें से अधिकांश महिलाएं साधारण परिवारों और पिछड़े वर्ग से संबंधित हैं।

खदान प्रबंधन ने महिलाओं को अंडरग्राउंड कार्य के लिए तैयार करने से पहले उनके परिवारों की लिखित सहमति प्राप्त की। इसके बाद 18 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें 6 दिन की कक्षा आधारित ट्रेनिंग और 12 दिन की ऑन-जॉब ट्रेनिंग शामिल थी। प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद महिलाओं को आधिकारिक रूप से भूमिगत खदान में कार्य के लिए नियुक्त किया गया।

इस महत्वाकांक्षी पहल को सफल बनाने में यूनिट हेड भूपेंद्र सिंह चौधरी की दूरदर्शी सोच और नेतृत्व की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके मार्गदर्शन में अमित पांडे, मृत्युंजय कुमार, देवाशीष पटियाल, आदित्य कुशवाहा, सौरभ वर्मा, एच.पी. सोनी, बावन सिंह, सुशील साहू, हरिशंकर चौरसिया और प्रबल श्रीवास्तव सहित कई अधिकारियों ने इस अभियान को सफल बनाने में योगदान दिया।

 

CSR टीम की अहम भूमिका

 

खदान की CSR टीम ने गांव-गांव जाकर महिलाओं और उनके परिवारों को इस पहल के लाभों के बारे में जानकारी दी। टीम ने महिलाओं की शंकाओं का समाधान किया, उन्हें प्रेरित किया और प्रशिक्षण प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग प्रदान किया।

यूनिट हेड भूपेंद्र सिंह चौधरी के अनुसार, यह पहल केवल उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में महिलाओं की भागीदारी और आत्मनिर्भरता को नई पहचान देने का प्रयास भी है।

क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक पहल

यह कदम न केवल कोयला उद्योग में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों की अन्य महिलाओं को भी नए अवसरों की ओर प्रेरित करेगा। सियाल घोघरी कोयला खदान की यह पहल इस बात का प्रमाण है कि उचित प्रशिक्षण, अवसर और आत्मविश्वास मिलने पर महिलाएं किसी भी चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकती हैं।

महिला सशक्तिकरण और औद्योगिक विकास का यह संगम परासिया क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बन गया है।

Next Post

हौजरानी अग्निकांड मामले में कांग्रेस ने दिल्ली सरकार को घेरा

Wed Jun 3 , 2026
नयी दिल्ली, 03 जून (वार्ता) दिल्ली प्रदेश के हौजरानी स्थित लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट में हुए भीषण अग्निकांड की घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा कि इस घटना में 21 लोगों की मौत हुई है, जबकि 30 से अधिक लोग घायल हुए हैं। […]

You May Like