नई दिल्ली | अंडर-18 एशिया कप 2026 में भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम ने इतिहास रच दिया है। पूल-ए के मुकाबले में भारत ने सिंगापुर के खिलाफ एकतरफा प्रदर्शन करते हुए 90 मिनट के खेल में 25 गोल दागे। भारतीय टीम ने खेल की शुरुआत से ही सिंगापुर पर भारी दबाव बनाए रखा और पूरी मैच अवधि के दौरान आक्रामक खेल का शानदार नमूना पेश किया। यह जीत न केवल टूर्नामेंट में टीम के दबदबे को दर्शाती है, बल्कि भारतीय हॉकी की नई इबारत भी लिख रही है।
सेमीफाइनल का सफर हुआ तय
सिंगापुर के खिलाफ इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही भारतीय टीम ने टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में अपनी जगह सुरक्षित कर ली है। टीम इंडिया ने पूल-ए के सभी मुकाबलों में अपराजेय रहते हुए नॉकआउट चरण में प्रवेश किया है। इस विशाल जीत ने न केवल खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ा दिया है, बल्कि टीम को खिताब की प्रबल दावेदार के रूप में भी स्थापित कर दिया है। कोच भी खिलाड़ियों के इस प्रदर्शन से बेहद संतुष्ट नजर आ रहे हैं।
भविष्य के नॉकआउट के लिए तैयार
कोच के अनुसार, टीम का हर खिलाड़ी अपनी रणनीति को मैदान पर बखूबी क्रियान्वित कर रहा है, जो आगामी नॉकआउट मैचों के लिए बेहद सकारात्मक संकेत है। अंडर-18 स्तर पर यह जीत भारतीय हॉकी इतिहास की सबसे बड़ी जीतों में से एक मानी जा रही है। अब पूरे देश की निगाहें टीम के अगले सेमीफाइनल मुकाबले पर टिकी हैं, जहाँ भारतीय बेटियां अपने इसी विजयी रथ को आगे बढ़ाकर फाइनल में प्रवेश करने के लिए तैयार हैं।

