ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण हेतु कलेक्टर का आदेश
इंदौर:शहर में अब शादी, बारात और अन्य किसी भी कार्यक्रम में डीजे बजाना प्रतिबंधित रहेगा. मैरिज गार्डन में भी रात 10 बजे बाद डीजे नहीं बजेगा. उक्त समयावधि के बाद नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जाएगी.कलेक्टर आशीष सिंह ने इंदौर जिले में ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 223 की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर दिए हैं. उक्त आदेश के अनुसार इंदौर जिले में समस्त उत्सव आयोजन के दौरान बगैर अनुमति के डी.जे., बैण्ड, प्रेशर हार्न तथा अन्य ध्वनि विस्तारण यंत्रों के उपयोग को प्रतिबंधित किया गया है. उत्सव आयोजन के दौरान डीजे के उपयोग हेतु अलग से अनुमति लेना होगी.
कलेक्टर के आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 223 के अंतर्गत दण्डनीय अपराध मानकर कार्रवाई की जाएगी. ध्वनि मानकों के प्रावधानों के पालन में सामान्यतः मध्यम आकार के अधिकतम 2 डी.जे. व लाउड स्पीकर की अनुमति ही सक्षम अधिकारी द्वारा दी जाएगी. डीजे तथा लाउड स्पीकर किराये पर देने वाले वेण्डर किसी भी आयोजन के लिए 2 से अधिक मध्यम आकार के डी.जे. व लाउड स्पीकर किराये पर नहीं देंगे.
प्रेशर हार्न के विक्रय पर प्रतिबंध
साथ ही ऑटोमोबाइल दुकानों पर प्रेशर हार्न के भण्डारण तथा विक्रय को प्रतिबंधित किया गया है. ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियम 2000 द्वारा निर्धारित नियम अनुसार निर्धारित ध्वनि का स्तर मानक सीमा से बाहर प्रतिबंधित रहेगा. मैरिज गार्डन और धर्मशालाओं में रात्रि समय 10 बजे से सुबह 6 बजे तक किसी भी प्रकार के लाउड स्पीकर, डी.जे., बैण्ड, प्रेशर हार्न तया अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा. उक्त आदेश तुरंत प्रभाव से आज से शहर में लागू होकर आगामी 5 अप्रैल 2025 तक प्रभावशील रहेगा
