मप्र कैबिनेट: शहरी गरीबों को मिलेगी निशुल्क रजिस्ट्री, मालिकाना हक का रास्ता साफ

भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में आमजन से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णयों को मंजूरी दी गई। इनमें सबसे अहम फैसला शहरी क्षेत्रों में आबादी भूमि पर वर्षों से निवास कर रहे पात्र परिवारों को निशुल्क रजिस्ट्री की सुविधा उपलब्ध कराने का रहा। इस निर्णय से बड़ी संख्या में ऐसे परिवारों को अपनी संपत्ति का वैधानिक स्वामित्व प्राप्त हो सकेगा, जो लंबे समय से भूमि पर निवास तो कर रहे थे, लेकिन कानूनी दस्तावेजों के अभाव में कई सुविधाओं से वंचित थे।
सरकार का मानना है कि संपत्ति के दस्तावेज मिलने के बाद लोगों के लिए बैंक ऋण प्राप्त करना आसान होगा। इससे स्वरोजगार, छोटे व्यवसाय और अन्य आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही बिजली, पेयजल और अन्य शासकीय सुविधाओं के लिए आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध होने से नागरिकों को प्रशासनिक प्रक्रियाओं में भी राहत मिलेगी। इस निर्णय से लाखों परिवार लाभान्वित हो सकते हैं, जबकि राज्य सरकार को राजस्व मद में अतिरिक्त वित्तीय भार वहन करना पड़ सकता है।
बैठक में सिंचाई और लोक निर्माण विभाग से जुड़े आधारभूत संरचना विकास के प्रस्तावों पर भी सहमति दी गई। इसके अलावा खाद्य एवं सहकारिता विभाग के माध्यम से प्रदेश में हुए गेहूं उपार्जन की समीक्षा की गई। बैठक में जानकारी दी गई कि गेहूं खरीदी के मामले में मध्यप्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में रहा है। खरीदे गए गेहूं के भंडारण और परिवहन की व्यवस्थाओं पर भी चर्चा हुई।
समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के संबंध में गठित समिति की प्रगति रिपोर्ट भी मंत्रिपरिषद के समक्ष रखी गई। समिति द्वारा किए जा रहे कार्यों और प्राप्त सुझावों की जानकारी मंत्रियों को दी गई।
बैठक में शिक्षा विभाग से संबंधित प्रस्ताव के तहत कक्षा 1 से 8 तक के शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को गणवेश उपलब्ध कराने की योजना पर सहमति बनी। वहीं परिवहन विभाग के एक पुराने न्यायिक प्रकरण में उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप भुगतान संबंधी प्रस्ताव पर भी विचार किया गया।
इसके अतिरिक्त बरगी बांध में हुई क्रूज दुर्घटना की न्यायिक जांच के गठन, विभिन्न विभागों में संविदा नियुक्तियों के विस्तार, न्यायालयीन मामलों से जुड़े कर्मचारियों को वेतनमान लाभ देने, राज्य आनंद संस्थान में मुख्य कार्यपालन अधिकारी की संविदा नियुक्ति तथा नए विधायक विश्राम गृह के निर्माण के दौरान प्रभावित विधायकों के लिए वैकल्पिक आवास व्यवस्था जैसे विषय भी चर्चा और निर्णय के केंद्र में रहे।

मंत्रिपरिषद ने स्वामित्व योजना के तहत तैयार दस्तावेजों की रजिस्ट्री और पंजीयन संबंधी प्रस्तावों पर भी विचार किया। साथ ही पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम में संशोधन कर अतिरिक्त स्टांप शुल्क में छूट देने के लिए अध्यादेश लाने संबंधी प्रस्ताव पर भी चर्चा की गई। कुल मिलाकर बैठक में संपत्ति अधिकार, शिक्षा, प्रशासनिक सुधार और आधारभूत विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर निर्णय लिए गए।

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