वाशिंगटन, 02 जून (वार्ता) इजरायल और हिज्बुल्ला के बीच युद्धविराम कराने की अमेरिका की नयी कोशिशें एक बार फिर ठहर गयी हैं। इस बीच, इजरायली सेना ने लेबनान में अपने जमीनी अभियान का विस्तार कर दिया है और नयी सैन्य कार्रवाई के लिए अमेरिका की मंजूरी भी मांगी है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब ट्रंप प्रशासन ईरान के साथ व्यापक शांति समझौते की दिशा में क्षेत्रीय तनाव कम करने का प्रयास कर रहा है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, लेबनान में युद्धविराम भी अमेरिका-ईरान वार्ता के व्यापक ढांचे का हिस्सा है।
एक्सियोस की एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 48 घंटों में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से अलग-अलग बातचीत कर युद्धविराम बहाल करने की कोशिश की। प्रस्ताव के तहत हिज्बुल्ला को इजरायल पर मिसाइल और ड्रोन हमले रोकने थे, जबकि इजरायल को लेबनान में आगे सैन्य कार्रवाई से बचना था। रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से कहा गया कि राष्ट्रपति आउन इस पहल के पक्ष में थे और उन्होंने संसद अध्यक्ष नबीह बेरी से हिज्बुल्ला पर दबाव बनाने को कहा। शअरी बेरी की प्रतिक्रिया संतोषजनक नहीं रही और उन्होंने पहले इजरायल से हमले रोकने की बात कही।
इस बीच, इजरायली और लेबनानी सैन्य अधिकारियों ने शुक्रवार को पेंटागन में संभावित युद्धविराम, इजरायली सैनिकों की वापसी, दक्षिणी लेबनान में लेबनानी सेना की तैनाती और हिज्बुल्ला के निरस्त्रीकरण जैसे मुद्दों पर चर्चा की। दोनों देशों के राजनयिकों के बीच इस सप्ताह एक और बैठक होने की संभावना है। इजरायली अधिकारियों ने बेरूत के दहियाह क्षेत्र सहित हिज्बुल्ला के ठिकानों पर और व्यापक हमलों की मंजूरी मांगी है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले इजरायल से केवल सीमित और लक्षित कार्रवाई करने का आग्रह कर चुके हैं। सूत्रों के अनुसार, दोनों पक्षों के कई अधिकारी फिलहाल किसी ठोस समझौते की संभावना को लेकर संशय में हैं। एक वरिष्ठ लेबनानी अधिकारी ने दावा किया कि न तो इजरायल और न ही हिज्बुल्ला फिलहाल लड़ाई रोकने के इच्छुक दिखाई दे रहे हैं।

