राज कपूर ने 11 साल की उम्र में अभिनय की शुरुआत की और 24 वर्ष की उम्र में आरके स्टूडियो की स्थापना की। आवारा, श्री 420 और बरसात जैसी फिल्मों से उन्होंने देश-विदेश में पहचान बनाई।
हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता राज कपूर का जन्म 14 दिसंबर 1924 को पाकिस्तान के पेशावर में हुआ था। राज कपूर अपने पिता पृथ्वीराज कपूर के नक्शेकदम पर चले और इंडस्ट्री में अपनी एक अमिट छाप छोड़ी। राज कपूर ने महज 11 वर्ष की उम्र में फिल्म इंकलाब से अभिनय की शुरुआत की। इसके बाद 1947 में आई नील कमल में बतौर नायक नजर आए। इस फिल्म में उनके साथ मधुबाला थीं, जिनकी भी यह शुरुआती फिल्मों में से एक थी।
राज कपूर की दूरदृष्टि का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने मात्र 24 साल की उम्र में अपना प्रोडक्शन हाउस और स्टूडियो आरके फिल्म्स एंड स्टूडियोज स्थापित कर लिया। आरके स्टूडियो हिंदी सिनेमा के सबसे प्रतिष्ठित स्टूडियो में शामिल हुआ। इसकी पहचान बना वह मशहूर लोगो, जिसमें राज कपूर अभिनेत्री नरगिस को अपनी बाहों में लिए हुए दिखाई देते हैं। यह छवि उनकी सुपरहिट फिल्म बरसात से प्रेरित थी।
निर्देशन और अभिनय दोनों में रचा इतिहास
राज कपूर की पहली निर्देशित फिल्म आग थी। हालांकि बतौर निर्देशक उनकी पहली बड़ी सफलता ‘बरसात’ रही। इसके बाद उन्होंने एक से बढ़कर एक क्लासिक फिल्में दीं। आवारा, श्री 420, चोरी चोरी, मेरा नाम जोकर, बॉबी, सत्यम शिवम सुंदरम और राम तेरी गंगा मैली जैसी फिल्मों ने राज कपूर को अमर बना दिया।
विदेशों तक पहुंची लोकप्रियता
राज कपूर की फिल्मों ने सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि रूस, चीन और कई अन्य देशों में भी लोकप्रियता हासिल की। विशेष रूप से ‘आवारा’ का गीत और उनका अभिनय अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के बीच बेहद पसंद किया गया। उनकी फिल्में कान्स फिल्म फेस्टिवल में भी सम्मानित हुईं और वैश्विक मंच पर भारतीय सिनेमा की पहचान मजबूत हुई।
विरासत आज भी कायम
राज कपूर को भारतीय सिनेमा में योगदान के लिए 1971 में पद्मा भूषण और 1988 में दादासाहेब फाल्के अवार्ड से सम्मानित किया गया। 2 जून 1988 को 63 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया, लेकिन उनकी बनाई सिनेमाई विरासत आज भी जीवित है। उनके परिवार ने भी इस विरासत को आगे बढ़ाया। ऋषि कपूर, रणधीर कपूर, करिश्मा कपूर, करीना कपूर खान और रणबीर कपूर जैसे सितारे आज भी कपूर खानदान के नाम को रोशन कर रहे हैं।
