इंदौर: आईआईटी रुड़की द्वारा आज जेईई एडवांस्ट के 2026 का परिणाम घोषित किये गए. इसमें शहर के दो छात्रों ने टॉप 100 में जगह बनाई. रिद्धेश बेंडाले ने ऑल इंडिया रैंक-18 हासिल की और जोनल व प्रदेश के टॉपर रहे. वहीं पार्थ माहेश्वरी ने ऑल इंडिया रैंक 55 हासिल की. इसके अलावा अन्य विद्यार्थियोंने भी टॉप एक हजार में जगह बनाई है.
जेईई एडवांस्ड में शानदार प्रदर्शन करने वाले रिद्धेश बेंडाले ने अपनी सफलता का श्रेय नियमित अध्ययन, शिक्षकों के मार्गदर्शन और लगातार मॉक टेस्ट देने को दिया. उन्होंने बताया कि वह आईआईटी बॉम्बे में कंप्यूटर साइंस शाखा में प्रवेश लेना चाहते हैैं और भविष्य में रिसर्च के क्षेत्र में भी संभावनाएं तलाशना चाहता है. रिद्धेश ने बताया कि मुझे गणित में विशेष रुचि है, इसलिए उसने कंप्यूटर साइंस को प्राथमिकता दी है.
फिलहाल लक्ष्य आईआईटी बॉम्बे में कंप्यूटर साइंस प्राप्त करना है. आगे परिस्थितियों के अनुसार रिसर्च के अवसरों पर भी विचार करूंगा. सफलता की रणनीति के बारे में उन्होंने कहा कि उसने वही किया जो शिक्षक और मेंटर्स लगातार बताते रहे. नियमित टेस्ट, उनकी समीक्षा और कमजोरियों को सुधारने पर विशेष ध्यान दिया. सबसे बड़ी चुनौती केमिस्ट्री विषय रहा, विशेषकर ऐसे टॉपिक्स जिन्हें बार-बार याद करना पड़ता था. हालांकि लगातार रिवीजन और प्रश्नों के अभ्यास से इस कमजोरी को काफी हद तक दूर कर लिया गया.
रोज 10 घंटे पढ़ाई की
पार्थ माहेश्वरी ने बताया कि सोचा नहीं था इतनी अच्छी रैंक आएगी. खुशी है इस रैंक को पाकर. मैं प्रतिदिन 10 घंटे पढ़ाई करता था. मैंने अपनी थ्योरी को मजबूत किया. जब तक आत्मविश्वास नहीं आता था तक तब सवाल का रिवीजन करता था. लगातार प्रश्नों का अभ्यास किया गया, जब तक कि प्रत्येक विषय में आत्मविश्वास विकसित नहीं हो गया. उसने बताया कि एलन संस्थान का उसे भरपूर सहयोग मिला और उसकी अधिकांश तैयारी संस्थान द्वारा उपलब्ध कराई गई सामग्री, टेस्ट सीरीज और मार्गदर्शन के माध्यम से हुई.
मेरा मानना है कि नियमित मेहनत, सही दिशा में तैयारी और लगातार आत्ममूल्यांकन ही प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता का सबसे बड़ा मंत्र है, डिसीप्लीन मेंटेन करना चुनौतीपूर्ण रहा. इस दौरान मैंने सोशल मीडिया से भी दूरी बनाए रखी. मोबाइल का इस्तेमाल भी नहीं किया. मैं आईआईटी बॉम्बे से कम्प्यूटर साइंस करना चाहता हूं. भविष्य के बारे में अभी ज्यादा सोचा नहीं है.
