इंदौर: इंदौर मेट्रो के नए रूट पर संचालन की दिल्ली से अनुमति मिले दो माह से ज्यादा हो गए है. इस महीने की 26 जून के पहले सरकार ने लोकार्पण नहीं किया, तो दिल्ली मेट्रो रेल सीएमआरएस द्वारा जारी अनुमति की वैधता खत्म हो जाएगी. इसके बाद फिर नए सिरे से सीएमआरएस की रेल सेफ्टी ऑडिट और सभी स्टेशनों का निरीक्षण एवं तकनीकी जांच करना होगी. इससे मेट्रो का दूसरे चरण का संचालन और दो महीने आगे बढ़ सकता है.
इंदौर में गांधी नगर से मालवीय नगर चौराहे तक मेट्रो रेल चलाने का रास्ता साफ हो गया था. मेट्रो रेल के व्यवसायिक संचालन की चीफ कमिश्नर मेट्रो रेल सुरक्षा ने 26 मार्च को अनुमति दे दी है. सीएमआरएस के दिल्ली से जारी अनुमति को दो महीने से ज्यादा समय हो गया है. मतलब यह है कि मेट्रो दूसरे चरण के 11.5 किलोमीटर व्यवसायिक संचालन करने के सिर्फ 25 दिन बचे हैं. इसके साथ ही शहर में 17.5 किलोमीटर एलिवेटेड कॉरिडोर पर मेट्रो शुरू नहीं होने से आम जनता को मेट्रो का लाभ नहीं मिल पा रहा है.
ध्यान रहे कि मेट्रो रेल के दूसरे चरण में सुपर कॉरिडोर-02 से मालवीय नगर चौराहे तक 11.5 किलोमीटर लंबी लाइन का काम पूरा हो गया है. उक्त दूसरे चरण में 11 मेट्रो स्टेशन का निर्माण भी किया गया है. मेट्रो प्राथमिक कॉरिडोर के दूसरे चरण का सत्यापन मेट्रो रेल कमिश्नर सुरक्षा ने 15 से 18 मार्च एक बीच किया था. सीएमआरएस कार्यालय दिल्ली से इंदौर मेट्रो कार्यालय को 26 मार्च को मेल के जरिए अनुमति मिल गई थी. 1 जून हो गई है और मेट्रो रेल दूसरे चरण में सुपर कॉरिडोर 02 से लेकर मालवीय नगर चौराहे तक मेट्रो के व्यवसायिक संचालन का इंतजार में हैं. यदि सरकार ने 26 जून के पहले दूसरे चरण का व्यवसायिक संचालन का लोकार्पण नहीं किया, तो फिर से स्थानीय मेट्रो को व्यवसायिक संचालन के लिए सीएमआरएस को बुलाना पड़ेगा.
दुबारा समय लेना कठिन कार्य
सीएमआरएस से दुबारा समय लेना कठिन कार्य है, क्योंकि पूरे डेढ़ की अनुमति और संचदलन के निरीक्षण और जांच का काम उनके जिम्मे है. इस में कोई जरूरी नहीं कि सीएमआरएस इंदौर मेट्रो के संचालन के लिए तुरंत या जल्दी समय दे दे.
