
इंदौर। लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर बिल्डरों और नामी लोगों को धमकी देने के मामले में एसटीएफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को जेल से रिमांड पर लेकर भोपाल ले गई है. आरोपियों से अब प्रदेशभर में हुई वारदातों को लेकर पूछताछ की जाएगी.
मामले में प्रदेश के आधा दर्जन से अधिक बिल्डर और कारोबारियों को धमकी मिलने के बाद डीजीपी ने जांच एसआईटी को सौंप दी थी. इंदौर के बिल्डर विवेक दम्मानी और संजय जैन को मिली धमकी के मामलों की जांच क्राइम ब्रांच कर रही थी. क्राइम ब्रांच ने कार्रवाई करते हुए राजपाल चंद्रावत, सचिन शर्मा, कुलदीप, नाना और योगेश भाटी को गिरफ्तार किया था. इनमें कुछ आरोपियों को पहले ही जेल से रिमांड पर लिया गया था, जबकि कुछ को हाल ही में पकड़ा. एक अन्य आरोपी राहुल उर्फ बाबा फिलहाल क्राइम ब्रांच की रिमांड पर है. बताया जा रहा है कि एसटीएफ की टीम ने इन सभी आरोपियों को अलग अलग जेलों से रिमांड पर लेकर भोपाल रवाना किया है. वहां उनसे प्रदेश में हुई अन्य धमकी और फायरिंग की घटनाओं को लेकर पूछताछ की जाएगी. ज्ञात हो कि कसरावद में कॉटन व्यापारी के घर फायरिंग मामले में भी इन्हीं आरोपियों के तार जुड़े हैं, जहां सबसे ज्यादा गिरफ्तारी हुई थी.
अहम खुलासों की उम्मीद :डीसीपी
मामले में डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश त्रिपाठी का कहना है कि इंदौर क्राइम ब्रांच अब तक इस पूरे नेटवर्क से जुड़े 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है. वहीं हाल ही में एक आरोपी राहुल उर्फ बाबा की कार देवास से जब्त की गई थी. गिरफ्तार आरोपियों के तार प्रदेश के अन्य जिलों में हुई घटनाओं से भी जुड़े होने की संभावना है, पूरे नेटवर्क को चिन्हित कर कार्रवाई की जा रही है और पूछताछ में अहम खुलासे होने की उम्मीद है.
