
सिवनी जिले के बंडोल थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम दुकली में सोमवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा हो गया। खेत में बने एक निर्माणाधीन कुएं के अचानक धंस जाने से एक ही परिवार की तीन महिलाएं मलबे में दब गईं। हादसे के बाद पूरे गांव में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही बंडोल पुलिस, डायल-100, प्रशासनिक अधिकारी और रेस्क्यू दल मौके पर पहुंच गया तथा युद्धस्तर पर बचाव अभियान शुरू किया गया।
घटना के अनुसार, ग्राम दुकली में खेत में एक कुएं का निर्माण कार्य हाल ही में पूरा हुआ था। कुएं में सीमेंट कंक्रीट का कार्य होने के बाद उसकी तराई (क्योरिंग) की जा रही थी। सोमवार दोपहर श्रीमती सुमनिया बाई जंघेला (75 वर्ष), उनकी बेटी श्रीमती अनसुईया जंघेला (40 वर्ष) और नातिन स्वाति जंघेला (18 वर्ष) कुएं में तराई का काम कर रही थीं। इसी दौरान कुएं के आसपास पानी भर जाने से अचानक मिट्टी और निर्माण सामग्री का हिस्सा धंस गया और तीनों महिलाएं मलबे में दब गईं।
हादसे के बाद ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर एकत्र हो गए और तत्काल पुलिस एवं प्रशासन को सूचना दी गई। बंडोल थाना पुलिस और डायल-100 की टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रभारी कलेक्टर अनिल राठौर, पुलिस अधीक्षक कृष्ण लालचंदानी, एसडीओपी सचिन परते सहित प्रशासन का पूरा अमला घटनास्थल पर पहुंच गया। जेसीबी मशीनों की सहायता से मलबा हटाने का कार्य प्रारंभ किया गया।
कई घंटों की मशक्कत के बाद मलबे में दबी सुमनिया बाई जंघेला को बाहर निकाल लिया गया। उन्हें गंभीर अवस्था में जिला चिकित्सालय सिवनी भेजा गया, जहां उनका उपचार जारी है। वहीं दूसरी ओर अनसुईया जंघेला और उनकी पुत्री स्वाति जंघेला को निकालने के लिए रेस्क्यू टीम लगातार प्रयास करती रही।
कुएं की गहराई अधिक होने और लगातार धंसाव की आशंका के कारण बचाव कार्य में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। स्थिति को देखते हुए पोकलेन मशीन भी मौके पर बुलाई गई, जिसकी सहायता से मलबा हटाने का कार्य देर शाम तक जारी रहा।
समाचार लिखे जाने तक अनसुईया जंघेला और उनकी पुत्री स्वाति जंघेला मलबे में दबी हुई थीं तथा उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी था। पूरे क्षेत्र में इस हादसे को लेकर चिंता और शोक का माहौल बना हुआ है।
