क्या विजयवर्गीय को अब पंजाब की जिम्मेदारी !

मालवा- निमाड़ की डायरी संजय व्यास। बंगाल विधान सभा चुनाव में भाजपा की अभूतपूर्व सफलता पर अंचल के कद्दावर नेता और प्रदेश सरकार में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की खुशी भावुकता में बदल गई. वे 2016 से 2021 तक प. बंगाल के प्रभारी रह चुके हैं. तात्कालीन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कैलाश विजयवर्गीय को बंगाल चुनाव की जिम्मेवारी सौंपी थी. हालांकि पंचायत, विधान सभा, लोकसभा चुनावों में भाजपा ने मतदाताओं में अच्छी घुसपैठ की थी, विजयवर्गीय ने वहां भाजपा के लिए जमीन भी तैयार की ,लेकिन बड़ी मेहनत के बाद भी 2021 विधान सभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा. जिसका विजयवर्गीय को आज तक मलाल रहा. बंगाल प्रभारी रहते विजयवर्गीय भाजपा के लिए बंजर पड़ी वहां की जमीन को जिस तरह जोत के आए थे, उसी का परिणाम है कि इस बार भाजपा ने लहलहाती फसल काटी. 5 राज्यों के संपन्न चुनावों के बाद भाजपा का फोकस 2027 में होने वाले 7 राज्यों के विधान सभा चुनावों पर हैं. गोवा, गुजरात, मणिपुर, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं. इन राज्यों में बंगाल की तरह पंजाब ही ऐसा प्रांत है, जहां भाजपा की पकड़ नहीं है. चर्चा है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन शीघ्र राष्ट्रीय कार्यकारिणी का गठन करेंगे, जिसमें कैलाश विजयवर्गीय को शामिल करने की प्रबल संभावना है. यह भी चर्चा है कि विजयवर्गीय के रणनीतिक कौशल को देखते हुए उन्हें पंजाब की कमान सौंप दी जाए.

सडक़ों पर ध्यान, नहर निर्माण और रखरखाव में चूक

विगत वर्षों में सरकार ने विकास के नाम पर सडक़ों के निर्माण को तो महत्व दिया, लेकिन नहर सिंचाई परियोजनाओं के मामले में उसकी चूक साफ नजर आ रही है. वर्तमान में मालवा क्षेत्र में 200 से अधिक छोटी बड़ी सिंचाई परियोजना चल रही है . बड़ी परियोजनाओं में नहर निर्माण उचित तरीके से और इसका मेंटेनेंस हो रहा है, लेकिन छोटी सिंचाई परियोजनाओं में नहर टूट रही है जिससे फायदा कम नुकसान ज्यादा हो रहा है. जहां रास्ते में आने वाले किसानों के खेत में बेमौसम पानी भर जाने से उनकी फसलें खराब होने की घटनाएं सामने अक्सर आ जाती है, वहीं अंतिम छोर के किसानों को आखिरी तक पानी नहीं मिल पा रहा है. इस तरह की परेशानी देवास जिले के लगभग सभी ब्लॉक स्तरीय किसानों के पास आ रही है. किसानों का कहना है कि शासन सडक़ों पर से थोड़ा ध्यान हटाकर नहरों के उचित निर्माण और रखरखाव में अपना ध्यान रखे. किसान अन्नदाता है उसी से देश चलता है.

बढ़ता इंतजार और कार्यकर्ताओं में मायूसी

खंडवा जिले के नगरीय निकायों में एल्डर मैन की नियुक्ति के निर्णय में लंबी खेंच से भाजपा कार्यकर्ताओं में निराशा का माहौल है. अगले साल तो फिर नगर निकाय चुनाव आ जाएंगे, एल्डर मैनों की नियुक्ति देर से होगी तो उनके पास समय ही कितना बचेगा. लंबे समय से सत्ता में सक्रिय कार्यकर्ताओं को उम्मीद थी कि पहली सूची के जरिए उनका ‘राजनीतिक वनवास’ खत्म होगा, लेकिन तब तो छोड़ो अब तक इंतजार की घडिय़ां समाप्त नहीं होने से निष्ठावान कार्यकर्ताओं में मायूसी साफ देखी जा सकती है. फिलहाल मुंदी, हरसूद, पंधाना और ओंकारेश्वर के दावेदार भोपाल की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं.

Next Post

ट्रैफिक सिंग्नल की दो दर्जन बैटरी चोरी

Tue May 5 , 2026
सिंगरौली । शहर के कबाड़ी अब सरकारी सामग्रियों को निशाना बना रहे हैं। पिछले दिनों जिला चिकित्सालय सह ट्रामा सेंटर परिसर से लोहे की जाली चोरी कर ले गये थे। वहीं अब दो स्थानों में लगे ट्रैफिक सिंग्नल के सोलर बैटरियों को ही पार कर दिये। बैटरियों की संख्या करीब […]

You May Like