
सिंगरौली । शहर के कबाड़ी अब सरकारी सामग्रियों को निशाना बना रहे हैं। पिछले दिनों जिला चिकित्सालय सह ट्रामा सेंटर परिसर से लोहे की जाली चोरी कर ले गये थे। वहीं अब दो स्थानों में लगे ट्रैफिक सिंग्नल के सोलर बैटरियों को ही पार कर दिये। बैटरियों की संख्या करीब दो दर्जन है। करीब 12 से 15 फीट ऊचाई पर लगे बैटरियों को चोरी हो जाने पर कोतवाली पुलिस की लुंजपुंज व्यवस्था पर तरह-तरह के सवाल खड़े किये जाने लगे।
गौरतलब है कि कोतवाली क्षेत्र बैढ़न में कबाड़ चोरों का बोलबाला है। बलियरी से लेकर चन्द्रमा टोला, कचनी समेत कई स्थानों पर अवैध रूप से कबाड़ की दुकाने द्रुत गति से चल रही है। इनपर अंकुश लगाने के बदले पुलिस का संरक्षण है। कोतवाली पुलिस भले ही कितना भी दावा करे कि कबाड़ियों पर शिंकजा कसा जा रहा है और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगा हुआ है, परंतु सच्चाई इससे उलट है। एक ओर जहां अभी बैंक ऑफ महाराष्ट्र में पिछले माह 17 अप्रैल को दिनदहाड़े हुये डकैती के मामले में एसपी से लेकर कोतवाली पुलिस की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किये जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर जिला चिकित्सालय सह ट्रामा सेंटर परिसर से दर्जनों भर नाली की जाली चोरी होने और रिपोर्ट दर्ज न करने पर मामला चर्चा में है। इधर जिला अस्पताल लोहे की जाली का मामला अभी ठण्डा नही पड़ा था कि ट्रैफिक सिंग्नल की बैटरियां चोरी हो जाने का सनसनीखेज मामला सामने आने पर कोतवाली पुलिस और भी सवालों के कटघरे में घिरती जा रही है। नपानि की सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार माजन मोड़ चौराहा एवं पुराना यातायात चौराहा बैढ़न में लगी 23 बैटरियां चोरी हो गई हैं। नगर निगम के द्वारा बकायदे थाना प्रभारी बैढ़न को पिछले माह 24 अप्रैल को विधिवत पत्र के माध्यम से इसकी सूचना कार्यपालन यंत्री के द्वारा की गई, लेकिन सूत्र बताते हैं कि कोतवाली पुलिस ने नगर निगम का पत्र लेने से इंकार कर दी और कहा कि उक्त पत्र को एसपी दफ्तर में दिजीए, वहां से आने के बाद ही जांच पड़ताल की जावेगी। सवाल उठाया जा रहा है कि कोतवाली पुलिस ने पत्र को क्यों नही लिया, इसके पीछे वजह क्या है, इसे तो कोतवाली पुलिस ही बताएगी। परंतु शहर में बढ़ रही चोरियां कहीं न कहीं पुलिस की नाकामी और निष्क्रियता का परिणाम माना जा रहा है। फिलहाल 12 से 15 फीट की ऊचाई पर लगी ट्रैफिक सिंग्नल की बैटरियां चोरी हो जाना, प्रबुद्धजनों के द्वारा कहीं न कहीं एक बड़ा सवाल खड़ा किया जा रहा है।
पुलिस के लगे हुये हैं जगह-जगह सीसीटीव्ही कैमरे
सुरक्षा के दृष्टि से पुलिस के द्वारा शहर में जगह-जगह कैमरे लगाए गये हैं, ताकि अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाए जा सके। सवाल उठ रहा है कि सोलर जेल बैटरियां यदि चोरी हुई हैं तो, सीसीटीव्ही कैमरे के माध्यम से ही पता लगाया जा सकता है। बशर्ते कोतवाली पुलिस को सक्रिय होना पड़ेगा, अन्यथा जिस तरह से अन्य मामलों में पुलिस की किरकिरी हो रही है, इसमें भी किरकिरी होगी। हालांकि यह भी कहा जा रहा है कि पिछले दो साल के दौरान जिले की कानून व्यवस्था भगवान भरोसे रहा है, इसके पीछे एक ही कारण बताया जा रहा है। पुलिस के कथित अधिकारियों का ध्यान कहीं और है।
टावर वैगन के बिना नही चोरी हो सकती है बैटरियां
टावर वैगन के बिना बैटरियां चोरी नही हो सकती है। उसके पीछे का कारण यही बताया जा रहा है कि धरातल से 12 से 15 फीट की ऊचाई पर ट्रैफिक सिंग्नलों में बैटरियां लगी हुई थी। टावर वैगन सिर्फ नगर निगम के पास ही है। फिर इतनी संख्या में बैटरियां कैसे गायब हो गई। यह अपने आप में एक बड़ा प्रश्न है। इसका खुलासा तब हुआ, चार महीने से शहर की ट्रैफिक सिंग्नल बंद पड़ी हुई हैं। इसे ठीक करने के लिए पिछले माह नगर निगम का अमला ट्रैफिक सिंग्नल के ठेकेदार को लेकर पहुंचा तो खराबियों को दुरूस्त कराने लगा, तभी पता चला कि बैटरियां गायब हैं। दोनों जगह यानी माजन मोड़ और पुराना यातायात टै्रफिक सिंग्नल को भी चेक कराया गया, वहां से भी बैटरियां चोरी थी।
